जयपुर: रामपुरा में विद्यालय भवन का निर्माण एक सितंबर से शुरू होगा, सरकार ने 18 लाख रुपये मंजूर किए
जयपुर: रामपुरा में विद्यालय भवन का निर्माण एक सितंबर से शुरू होगा, सरकार ने 18 लाख रुपये मंजूर किए
जयपुर, 23 अगस्त (भाषा) राजस्थान सरकार ने जयपुर जिले के सांगानेर प्रखंड के रामपुरा (कंवरपुरा) में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण एक सितंबर से शुरू करने की घोषणा की है। यह विद्यालय हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद चर्चा में आया था।
सरकार ने विद्यालय के नए भवन के लिए 18 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इसमें 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से तथा छह लाख रुपये विधायक कोष से मंजूर किए गए हैं।
यह घोषणा शनिवार देर रात की गई। इससे पहले शुक्रवार को कॉजपा की टीम अपने ‘विद्यालय ठीक करो’ अभियान के तहत गांव पहुंची थी, जहां ग्रामीणों से कथित टकराव के बाद टीम पर हमला किए जाने का आरोप लगाया गया था।
घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
सरकार की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉजपा के सह-संस्थापक एवं प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि रामपुरा स्थित विद्यालय को लेकर पार्टी की तत्काल मांग पूरी हो गई है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने का अभियान जारी रहेगा। रांका ने कहा, ‘‘हम वहां वोट मांगने नहीं गए थे। हम विद्यालय भवन को ठीक कराने की बात करने गए थे। अब सरकार ने एक सितंबर से काम शुरू करने को मंजूरी दे दी है, इसलिए यह मुद्दा खत्म हो गया है।’’ इसके पहले कॉजपा ने स्कूल भवन को ठीक कराने के लिए 48 घंटे की चेतावनी दी थी।
उन्होंने सवाल किया कि काम पहले क्यों शुरू नहीं किया जा सकता था और कहा कि कॉजपा की टीम के दौरे के दौरान हुई हिंसा का कोई औचित्य नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार वास्तव में बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है तो विद्यालयों की मरम्मत कराए। हम लड़ने नहीं आए हैं, लेकिन न पीछे हटेंगे और न डरेंगे।’’
रांका ने दावा किया कि रामपुरा स्थित विद्यालय को लेकर लिया गया फैसला कॉजपा के अभियान के प्रभाव को दर्शाता है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकारी विद्यालयों का दौरा जारी रखने और जरूरत पड़ने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने को कहा।
उन्होंने राजस्थान भर के विद्यालयों की मरम्मत के लिए सरकार से ठोस समयसीमा बताने की मांग करते हुए दावा किया कि करीब 3,000 स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं और 611 स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहे हैं।
रांका ने कहा कि सरकार ने 31 मार्च को विद्यालय बुनियादी ढांचे के लिए 12,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की थी और दावा किया कि इसकी समयसीमा अब पांच साल से घटाकर तीन साल कर दी गई है।
उन्होंने सरकार से यह भी बताने को कहा कि पिछले छह महीने में कितने विद्यालयों की मरम्मत हुई और अगले एक साल में किन विद्यालयों में काम प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि कॉजपा के सदस्य अब पश्चिमी राजस्थान के कुछ विद्यालयों, जिनमें जोधपुर भी शामिल है, का दौरा करेंगे और विद्यालय निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
राज्य सरकार के अनुसार, तकनीकी सर्वेक्षण के बाद सितंबर 2025 में रामपुरा स्थित विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया था और इसके बाद उसे उपयोग में नहीं लिया जा रहा था।
सरकार के अनुसार, विद्यार्थियों को पास के बीलवा स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्थानांतरित करने का प्रारंभिक प्रस्ताव ग्रामीणों ने बच्चों की कम उम्र और आने-जाने में होने वाली परेशानी के कारण खारिज कर दिया था।
इसके बाद ग्रामीणों ने कक्षाएं संचालित करने के लिए दो कमरे और टीन शेड उपलब्ध कराया। बाद में दो कमरों और बरामदे वाला अधिक उपयुक्त अस्थायी परिसर भी तैयार किया गया।
वर्तमान में स्कूल में 18 विद्यार्थी और दो शिक्षक हैं। शुक्रवार को कॉजपा की टीम विद्यालय का निरीक्षण करने रामपुरा (कंवरपुरा) पहुंची थी, तभी विवाद हुआ।
कॉजपा ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके सदस्यों पर हमला किया, जबकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाहर से आई टीम ने उन्हें धमकाया और हंगामा किया।
पुलिस ने शुक्रवार रात एक ग्रामीण और कॉजपा के एक सदस्य की शिकायत पर दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थी।
भाषा बाकोलिया
नेत्रपाल संतोष
संतोष

Facebook


