नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं के आकलन और निगरानी के लिए ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ अभियान की शुरुआत की।
यह ग्राम पंचायत स्तर पर वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन रूपरेखा है।
यह अभियान मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ डिजिटल रूप से हुई एक बैठक के दौरान शुरू किया गया।
बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी शामिल हुए।
वहीं, ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े मंत्री, संबंधित अधिकारी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन निदेशक भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा तैयार की गयी इस बहु-स्तरीय मूल्यांकन रूपरेखा में ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों तथा जिला और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर के अधिकारियों की भागीदारी की परिकल्पना की गई है।
इसका कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्वच्छता सेवाओं को और मजबूत करना है।
भाषा जितेंद्र मनीषा
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