नागपुर, 16 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान के नासिक केंद्रीय कारागार दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जहां अबू सलेम उम्रकैद की सजा काट रहा है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने खान को पद से हटाने की मांग की है, जबकि खान ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उन्होंने गैंगस्टर की रिहाई के पक्ष में बात की थी।
खान ने कहा कि जिस प्राधिकारी ने उन्हें महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग (एमएसएमसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है, अगर वह उनसे इस्तीफा देने को कहता है तो वह ‘‘30 सेकंड में’’ इस्तीफा दे देंगे।
सलेम वर्तमान में नासिक केंद्रीय कारागार में बंद है, जहां वह 1993 के मुंबई बम धमाकों और 1995 के हत्या के एक मामले में अपनी भूमिका के लिए मिली उम्रकैद की सजा काट रहा है।
सलेम को उस समय झटका लगा था जब उच्चतम न्यायालय ने 10 सितंबर को उसकी हिरासत से रिहाई की याचिका खारिज कर दी थी। उसने पुर्तगाल से प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत भारत में 25 साल जेल में रहने की अवधि पूरी होने का हवाला देते हुए रिहाई का अनुरोध किया था।
विश्व हिंदू परिषद के नागपुर के महामंत्री अमोल ठाकरे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि खान ने पिछले सप्ताह नासिक जेल में सलेम से मुलाकात की थी और बाद में कहा था कि गैंगस्टर को रिहा किया जाना चाहिए।
विहिप के एक प्रतिनिधिमंडल ने एक दिन पहले नागपुर के जिला कलेक्टर से मुलाकात करके खान को पद से हटाने और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी।
खान ने इस विवाद को लेकर बुधवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि आयोग केवल नासिक की जेल का नहीं बल्कि सभी जिलों की जेलों का दौरा करता है, और अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित कैदियों की समस्याएं सुनता है।
खान ने कहा, ‘‘यह आधिकारिक दौरा था। आयोग के सदस्यों को पहले से कैदियों की पहचान और यह जानकारी नहीं होती कि कौन कैदी किस जेल में बंद है। जेलर जिन कैदियों से मिलने का सुझाव देते हैं, आयोग उन्हीं से मुलाकात करता है।’’
उन्होंने कहा कि यह दौरा नासिक जेल परिसर के अंदर हुआ और आयोग ने सभी अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित कैदियों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने मुंबई के आजाद मैदान पुलिस थाने के (क्षेत्रीय) डीसीपी से इस मामले में गलत बयान देने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए जांच करने को कहा है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या आयोग के दौरे के दौरान सलेम ने अपनी रिहाई की मांग की थी, खान ने कहा कि सलेम ने आयोग के एक सदस्य से कहा था कि उसने 25 साल पूरे कर लिए हैं और इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए।
खान ने कहा, ‘‘हालांकि, हमने उसे बताया कि उसके मामले पर उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय में विचार जारी है और आयोग उसकी कोई मदद नहीं कर सकता।’’
विहिप द्वारा एनआईए और सीबीआई से उनकी जांच कराने की मांग के बारे में पूछे जाने पर खान ने कहा, ‘‘जांच होने दीजिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह विहिप हो या प्यारे खान।’’
इस बीच, खान ने एक टेलीविजन चैनल से कहा कि उन्होंने कुछ समाचार चैनल को गलत खबरें प्रसारित करने के लिए मानहानि के नोटिस भेजे हैं।
एमएसएमसी अध्यक्ष के पद से उन्हें हटाने की विहिप की मांग पर खान ने कहा कि नियुक्ति प्राधिकारी उनसे ऐसा करने को कहता है तो वह ‘‘30 सेकंड में इस्तीफा दे देंगे।’’
भाषा अमित नरेश
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