तमिलनाडु में जल्लीकट्टू की शुरुआत, पुडुकोट्टई में पहला आयोजन

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू की शुरुआत, पुडुकोट्टई में पहला आयोजन

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू की शुरुआत, पुडुकोट्टई में पहला आयोजन
Modified Date: January 3, 2026 / 12:00 pm IST
Published Date: January 3, 2026 12:00 pm IST

पुडुकोट्टई (तमिलनाडु), तीन जनवरी (भाषा) तमिलनाडु में शनिवार को इस साल के पहले जल्लीकट्टू कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुडुकोट्टई जिले के थचनकुरिची गांव में आयोजित इस प्रतियोगिता में 900 से अधिक सांडों और लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पोंगल उत्सव के हिस्से के रूप में आयोजित किया जाने वाला एक पारंपरिक खेल है, जिसमें सांडों को काबू में करने की कोशिश की जाती है।

शनिवार के इस आयोजन में तिरुचिरापल्ली, डिंडीगुल और शिवगंगा सहित पड़ोसी जिलों के कई सांड शामिल हुए।

 ⁠

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन राज्य सरकार में मंत्री एस रघुपति और शिव वी मेयनाथन तथा जिलाधिकारी एम अरुणा ने किया।

आयोजकों ने बताया कि जीतने वाले प्रतिभागियों और सांडों के मालिकों के लिए मोटरसाइकिल, साइकिल, खाना पकाने के पारंपरिक बर्तन और भंडारण पात्र जैसे पुरस्कार रखे गए हैं।

यह कार्यक्रम यहां ‘पुनिता विन्नेरप्पु अन्नाई आलय तिरुविझा’ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो एक धार्मिक उत्सव है।

इसमें गणवेश पहने 300 प्रतिभागी बड़े उत्साह के साथ ‘वाडीवासल’ (प्रवेश द्वार) से खेल के मैदान में तेजी से निकलते सांडों को काबू में करने के लिए पहुंचे।

नियमों के अनुसार, कोई खिलाड़ी सांड के कूबड़ को कितनी देर तक पकड़कर रखता है, इसी आधार पर उसे विजेता घोषित किया जाता है। यही मापदंड सांड के मालिक को विजयी चुनने के लिए भी अपनाया जाता है।

तमिलनाडु का यह अनूठा खेल ‘जल्लीकट्टू’ पोंगल उत्सव के साथ आयोजित किया जाता है। जनवरी के मध्य में पोंगल सप्ताह के दौरान मदुरै के अलंगनल्लूर और अवनियापुरम में होने वाले प्रमुख आयोजन वैश्विक आकर्षण का केंद्र होते हैं, जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।

भाषा सुमित सुरभि

सुरभि


लेखक के बारे में