जम्मू कश्मीर विधानसभा का सत्र शुरू, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठी
जम्मू कश्मीर विधानसभा का सत्र शुरू, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठी
श्रीनगर, 21 सितंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर विधानसभा के सोमवार से शुरू हुए शरद सत्र के पहले दिन सत्तारूढ़ गठबंधन ने केंद्र शासित प्रदेश का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग की।
विधानसभा में तीन दिवंगत मंत्रियों को श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने कई जन-मुद्दों पर नारे लगाकर सरकार को घेरा।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने भाजपा विधायकों से अपनी-अपनी सीट पर लौटने का आग्रह किया ताकि विधायी कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, हाथों में तख्तियां लिए भाजपा सदस्य नारे लगाते रहे जिससे वहां हंगामे की स्थिति बन गई।
हंगामे के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य खड़े हो गए और जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग करने लगे।
कुलगाम से माकपा विधायक एम.वाई. तारिगामी ने भाजपा सदस्यों से भी राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए नारे लगाने को कहा और कहा, ‘‘दो साल बीत चुके हैं लेकिन राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है।’’
वरिष्ठ नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और खानयार से विधायक अली मोहम्मद सागर ने सत्ता पक्ष की ओर से राज्य का दर्जा बहाल करने के समर्थन में नारे लगाए और भाजपा के खिलाफ भी नारेबाजी की।
विधानसभा अध्यक्ष राठेर ने भाजपा विधायकों से अपनी-अपनी सीट पर लौटने को कहा और उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी।’’
कांग्रेस विधायक भी इसमें शामिल हो गए और केंद्र के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा, ‘‘वोट चोर सरकार को एक धक्का और दो।’’
हंगामा जारी रहने पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि सरकार विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन उन्हें एक-एक करके सवाल पूछना चाहिए। हम सभी मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि यह साफ है कि उन्हें जन-कल्याण में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह उनका असली चेहरा है जो जनता के सामने आ गया है।’’
भाषा सुरभि वैभव
वैभव

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