जम्मू-कश्मीर : कांग्रेस प्रदेश इकाई की अनुशासन समिति ने चुनावी असफलता पर की बैठक

जम्मू-कश्मीर : कांग्रेस प्रदेश इकाई की अनुशासन समिति ने चुनावी असफलता पर की बैठक

जम्मू-कश्मीर : कांग्रेस प्रदेश इकाई की अनुशासन समिति ने चुनावी असफलता पर की बैठक
Modified Date: October 23, 2024 / 04:25 pm IST
Published Date: October 23, 2024 4:25 pm IST

जम्मू, 23 अक्टूबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने जम्मू क्षेत्र में हालिया चुनावी असफलता के मुद्दे पर बुधवार को यहां एक अहम बैठक की।

पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि ‘‘अनुशासनहीनता’’ और हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में मिली असफलता पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।

पूर्व मंत्री मुला राम की अध्यक्षता में हुई अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी की अंदरूनी चुनौतियों और उनका हाल ही में संपन्न चुनावों पर पड़े प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम इन मुद्दों को रचनात्मक तरीके से हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर सामंजस्य को मजबूत करने के लिए एकजुट रवैया अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों ने अनुशासनहीनता में योगदान देने वाले कारकों पर गहन चर्चा की और पार्टी के मूल मूल्यों का पालन करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रवक्ता ने कहा कि हाल में हुए चुनाव परिणामों की भी समीक्षा की गई, जिसमें समिति ने सुधार के लिए विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान की।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे चुनावी प्रदर्शन का गहन विश्लेषण आवश्यक है ताकि हम भविष्य के चुनावों के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।’’

प्रवक्ता ने कहा कि यह बैठक इन चुनौतियों को हल करने के लिए सिफारिशें तैयार करने के उद्देश्य से कई नियोजित चर्चाओं में से पहली है।

उन्होंने कहा, ‘‘आगे की चर्चा के लिए कल (बृहस्पतिवार) एक बैठक होगी। इन चर्चाओं के बाद समिति एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे पार्टी अध्यक्ष को सौंपा जाएगा।’’

समिति के एक अन्य सदस्य ने कहा, ‘‘हमारे आगे बढ़ने के लिए हमारी पार्टी की एकता और अनुशासन अत्यंत महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रक्रिया हमें अपने लक्ष्यों के साथ जुड़े रहने और आगे आने वाली चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना करने में मदद करेगी।’’

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन रहा क्योंकि जम्मू क्षेत्र में पार्टी के 29 उम्मीदवारों में से केवल एक को ही जीत हासिल हुई जबकि दो कार्यकारी अध्यक्षों सहित कई प्रमुख नेता चुनाव हार गए।

भाषा जितेंद्र शफीक

शफीक


लेखक के बारे में