जम्मू-कश्मीर सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को पांच मरला जमीन देगी : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को पांच मरला जमीन देगी : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को पांच मरला जमीन देगी : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
Modified Date: September 26, 2025 / 12:06 am IST
Published Date: September 25, 2025 10:17 pm IST

जम्मू, 25 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि बाढ़ के कारण बेघर हुए प्रत्येक परिवार को पांच मरला जमीन दी जाएगी ताकि वे दोबारा अपने घर बना सकें।

अब्दुल्ला ने कठुआ जिले की बिलावर तहसील के दुग्गैन गांव के निवासियों से बातचीत के दौरान यह घोषणा की, जिनके घर और आजीविका हाल ही में आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कठुआ और रियासी जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया, उनके साथ बनी विधायक रामेश्वर सिंह और गुलाबगढ़ विधायक खुर्शीद अहमद भी थे। अब्दुल्ला ने रियासी के माहौर में भी लोगों से मुलाकात की।

प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए, अब्दुल्ला ने प्रशासन को समय पर राहत और पुनर्वास उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2025 जम्मू-कश्मीर में भारी तबाही लेकर आया है क्योंकि मार्च-अप्रैल में सूखे से लेकर अगस्त-सितंबर में लगातार बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन तक का सामना करना पड़ा है। कठुआ से कुपवाड़ा तक, अभूतपूर्व नुकसान हुआ है।’’

अब्दुल्ला ने तबाही को लेकर कहा कि मूसलाधार बारिश से 350 से अधिक पुल, लगभग 2000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क, हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है, इसके अलावा खड़ी फसलें बह गईं और सरकारी तथा निजी दोनों संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा, ‘‘पुनर्वास चुनौतियों की व्यापकता को देखते हुए, जम्मू-कश्मीर केंद्र सरकार से एक व्यापक राहत पैकेज की उम्मीद कर रहा है।’’

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।