जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकवादियों की तलाश में अभियान फिर से शुरू

जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकवादियों की तलाश में अभियान फिर से शुरू

जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकवादियों की तलाश में अभियान फिर से शुरू
Modified Date: January 19, 2026 / 09:40 am IST
Published Date: January 19, 2026 9:40 am IST

जम्मू, 19 जनवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में छिपे माने जा रहे आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने सोमवार को तलाश अभियान फिर से शुरू कर दिया, जिसे रात में रोक दिया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया और इस दौरान वहां छिपे आतंकवादियों के हमले में आठ सैनिक घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में पेड़ होने और ढलानों वाले दुर्गम इलाके में दृश्यता और आवागमन सीमित होने के कारण रविवार देर रात अभियान रोक दिया गया।

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अधिकारियों ने बताया कि सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कई टीम ड्रोन और खोजी कुत्तों के साथ इलाके में तलाश अभियान संचालित कर रही हैं और साथ ही कड़ी सुरक्षा घेराबंदी किए हुए हैं ताकि आतंकवादी भाग नहीं सकें।

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के दो से तीन आतंकवादी इलाके में छिपे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुबह होते ही अभियान फिर से शुरू कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिला है।

जम्मू स्थित सेना की व्हाइट नाइट कोर ने रविवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान में सुरक्षा बलों का चतरू के उत्तर-पूर्व में स्थित सोनार क्षेत्र में आतंकवादियों से सामना हुआ।

सेना ने कहा, ‘‘घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है और असैन्य प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय के साथ अभियान जारी है।’’

सेना ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और भूभाग में शत्रु की गोलीबारी का जवाब देने में सैनिकों की असाधारण दक्षता और दृढ़ संकल्प की सराहना की।

यह मुठभेड़ इस साल जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीसरी झड़प है। इससे पहले सात और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलवार क्षेत्र के कहोग और नजोते जंगलों में मुठभेड़ हुई थी।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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