‘जन नायकन’: न्यायालय फिल्म निर्माता की याचिका पर 19 जनवरी को सुनवाई करेगा

‘जन नायकन’: न्यायालय फिल्म निर्माता की याचिका पर 19 जनवरी को सुनवाई करेगा

‘जन नायकन’: न्यायालय फिल्म निर्माता की याचिका पर 19 जनवरी को सुनवाई करेगा
Modified Date: January 13, 2026 / 06:39 pm IST
Published Date: January 13, 2026 6:39 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) टीवीके प्रमुख विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘जना नायकन’ के निर्माता द्वारा दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय 19 जनवरी को सुनवाई करेगा। इस याचिका में मद्रास उच्च न्यायालय के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें एकल पीठ के निर्देश पर रोक लगा दी गई थी। एकल पीठ के न्यायाधीश ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को फिल्म को मंजूरी देने का निर्देश दिया था।

उच्चतम न्यायालय की वाद सूची के अनुसार, इस मामले की सुनवाई 19 जनवरी को होने की संभावना है। अभी तक सुनवाई करने वाले न्यायाधीश का नाम नहीं तय किया गया है।

मद्रास उच्च न्यायालय ने नौ जनवरी को एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें सीबीएफसी को ‘जन नायकन’ को तुरंत मंजूरी प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही अभिनेता से नेता बने विजय की इस फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया है।

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केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी ने पिछले शुक्रवार को उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। खंडपीठ ने एकल पीठ के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें बोर्ड को फिल्म को मंजूरी प्रमाणपत्र तुरंत जारी करने के लिए कहा गया था।

विजय ने हाल ही में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (टीवीके) की शुरुआत की है।

‘जन नायकन’ को विजय की राजनीति में पूर्ण प्रवेश से पहले की आखिरी फिल्म के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। पहले यह फिल्म नौ जनवरी को पोंगल के अवसर पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन सीबीएफसी द्वारा समय पर मंजूरी प्रमाणपत्र जारी न करने के कारण फिल्म को ऐन वक्त पर बाधाओं का सामना करना पड़ा।

न्यायमूर्ति पीटी आशा द्वारा नौ जनवरी को सीबीएफसी को ‘जन नायकन’ को मंजूरी देने का निर्देश देने के कुछ घंटों बाद ही खंडपीठ का आदेश आया जिसमें मामले को समीक्षा समिति को भेजने के फिल्म बोर्ड के निर्देश को रद्द कर दिया गया था।

मुख्य न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव और जी अरुल मुरुगन की अध्यक्षता वाली प्रथम पीठ ने सीबीएफसी द्वारा दायर अपील पर एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ अंतरिम रोक लगा दी थी।

भाषा

संतोष नरेश

नरेश


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