जद(एस) ने केपीएससी में अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया

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जद(एस) ने केपीएससी में अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 06:02 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 06:02 PM IST

बेंगलुरु, एक सितंबर (भाषा) जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ मंगलवार को यहां कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ कांग्रेस मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

जद (एस) के विधान पार्षद टी ए श्रवण ने कहा, ‘‘हम केपीएससी में हुए बड़े घोटाले पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमें पीड़ित छात्रों के साथ न्याय करना होगा।’’

प्रदर्शनकारियों ने मामले में शामिल लोगों को सीबीआई जांच के दायरे में भी लाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुधारों के नाम पर आयोग को ‘‘भ्रष्टाचार का अड्डा’’ बना दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि नियुक्तियों तथा भर्ती से जुड़ी अनियमितताओं में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है।

उन्होंने केपीएससी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के लिए राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की भी मांग की है।

जनता दल (एस) के नेताओं ने ओएमआर शीट से छेड़छाड़ और परीक्षाओं में हेरफेर का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये से जुड़े भर्ती सौदे हुए हैं।

यह कथित घोटाला जुलाई में उस समय सामने आया जब पशु चिकित्सकों के एक समूह ने विधान सौधा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग में 400 पशु चिकित्सा अधिकारी पदों के लिए केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चयन प्रक्रिया की जांच की मांग की गई थी।

केपीएससी ने जनवरी 2026 में भर्ती परीक्षा आयोजित की थी जबकि अंतिम चयन सूची 17 जुलाई को प्रकाशित की गई थी।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिचौलियों ने कई अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनकी नियुक्ति सुनिश्चित कराने के बदले उनसे 70 लाख से 80 लाख रुपये की मांग की।

उन्होंने दावा किया कि उनके पास बातचीत की ‘ऑडियो क्लिप’ हैं, जिन्हें उन्होंने पुलिस को सौंपा है।

हाल में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों ने इस मामले में आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और कथित मुख्य साजिशकर्ता बसवराज कन्नाले को गिरफ्तार किया था।

मंत्री खरगे ने सोमवार को कहा था कि अगर केपीएससी की भर्ती में कथित अनियमितताओं में उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका साबित होती है तो वह राजनीति छोड़ने के लिए तैयार हैं।

भाषा प्रचेता माधव

माधव