झारखंड एयर एंबुलेंस हादसे के संबंध में रेडबर्ड एयरवेज का दाव: विमान में कोई खराब नहीं थी

झारखंड एयर एंबुलेंस हादसे के संबंध में रेडबर्ड एयरवेज का दाव: विमान में कोई खराब नहीं थी

झारखंड एयर एंबुलेंस हादसे के संबंध में रेडबर्ड एयरवेज का दाव: विमान में कोई खराब नहीं थी
Modified Date: February 24, 2026 / 10:34 pm IST
Published Date: February 24, 2026 10:34 pm IST

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) झारखंड में एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसकी संचालक कंपनी रेडबर्ड एयरवेज ने मंगलवार को दावा किया कि विमान में कोई खराबी नहीं थी और उड़ान का संचालन करने वाले पायलट अनुभवी थे।

एयर एम्बुलेंस के रूप में संचालित बीचक्राफ्ट सी90 विमान वीटी-एजेवी सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी।

मामले की जांच कर रहे वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने राष्ट्रीय राजधानी में रेडबर्ड एयरवेज के पंजीकृत कार्यालय का दौरा किया और अपने साथ दस्तावेजों के कार्टन ले गया।

रांची से दिल्ली आ रहा यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में पांच लोग और चालक दल के दो सदस्य सवार थे।

रेडबर्ड एयरवेज की उड़ान सुरक्षा की प्रमुख कैप्टन मोहिंदर कौर ने मंगलवार को ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘हम भी बेहद दुखी हैं। परिवार सदमे में हैं। हम खुद भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं, क्योंकि हम किसी की जान बचाने गए थे।’’

कैप्टन कौर ने कहा, ‘‘…विमान में कोई खराबी नहीं थी। दोनों पायलट सक्षम और अनुभवी थे।’’

एएआईबी के अधिकारियों द्वारा कंपनी के कार्यालय से विभिन्न दस्तावेज जब्त किए जाने के बाद कौर ने संवाददाताओं से बात की।

कौर ने कहा कि जांच अधिकारियों ने विभिन्न दस्तावेज जब्त किए हैं।

रेडबर्ड एयरवेज की वेबसाइट मंगलवार को नहीं खुल रही थी।

विभिन्न वेबसाइट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान लगभग 40 वर्ष पुराना था।

कंपनी के बेड़े में छह विमान हैं, जिनमें तीन किंग एयर सी90ए, सी90बी और सी90 शामिल हैं।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अन्य विमान एसकेए बी200, सेसना सिटेशन 560एक्सएल और सेसना सिटेशन-3 (650) हैं।

इनमें से एक किंग एयर सी90 विमान, जिसका पंजीकरण नंबर वीटी-एजेवी था, सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कंपनी का एयर ऑपरेटर परमिट 12 अगस्त, 2030 तक वैध है।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में