झारखंड : एसआईआर प्रक्रिया के लिए रिश्वत की मांग कर रही बीएलओ को हटाया गया
झारखंड : एसआईआर प्रक्रिया के लिए रिश्वत की मांग कर रही बीएलओ को हटाया गया
गढ़वा, 13 जुलाई (भाषा) झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान गणना प्रपत्र वितरण, एकत्र करने और डिजिटल तौर पर आंकड़े दर्ज करने के लिए रिश्वत मांगने के सबूत मिलने के बाद एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को निर्वाचन आयोग की ड्यूटी से हटा दिया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
गढ़वा जिला प्रशासन ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पैसे की मांग करने, अवैध वसूली करने या गड़बड़ी करने वाले किसी भी अधिकारी या चुनाव कर्मी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक गढ़वा के उपायुक्त सह जिला चुनाव अधिकारी पशुपति नाथ मिश्र ने जांच के आदेश दिए थे। यह आदेश तब दिया गया जब एक कथित वीडियो सामने आया, जिसमें कुसुम देवी नाम की बीएलओ को गणना प्रपत्र बांटने, एकत्र करने और आंकड़ों को डिजिटल रूप में दर्ज करने के एवज में कथित तौर पर पैसे मांगते हुए देखा गया।
विज्ञप्ति के मुताबिक यह जांच धुरकी के सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी सह प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने की थी।
इसमें कहा गया, ‘‘जांच में पुष्टि हुई कि प्रसारित वीडियो में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही थे और देवी ने एसआईआर से जुड़े काम के लिए पैसे की मांग की थी। इसके परिणामस्वरूप, भवानीनाथपुर के मतदाता पंजीकरण अधिकारी सह अनुमंडल अधिकारी ने उन्हें चुनाव संबंधी सभी कार्यों से मुक्त करने की सिफारिश की।’’
मिश्रा ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, लापरवाही या किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला उपायुक्त ने मतदाताओं से यह भी अपील की कि अगर एसआईआर-2026 के दौरान कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है या कोई गड़बड़ी करता है, तो वे तुरंत जिला प्रशासन को इसकी सूचना दें, ताकि शिकायतों की तुरंत जांच की जा सके और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई और 29 जुलाई तक जारी रहेगी। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, भरे हुए प्रपत्र एकत्र कर उनकी जांच करेंगे।
भाषा धीरज वैभव
वैभव

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