Jharkhand Misir Besra Arrest: जवानों को बड़ी सफलता, खूंखार इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार, कई बड़ी वारदातों में रहा शामिल

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Jharkhand Misir Besra Arrest: जवानों को बड़ी सफलता, खूंखार इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार, कई बड़ी वारदातों में रहा शामिल

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 10:17 AM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 10:25 AM IST

Jharkhand Misir Besra Arrest: जवानों को बड़ी सफलता, खूंखार इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार, कई बड़ी वारदातों में रहा शामिल /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को कोबरा-209 और झारखंड पुलिस ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया
  • धनबाद-गिरिडीह सीमा के मनियाडीह जंगल में घेराबंदी कर दो अन्य माओवादियों सहित दबोचा गया
  • 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 39 लाख रुपये के इनामी उग्रवादी भी शामिल हैं

धनबाद। Jharkhand Misir Besra Arrest: झारखंड में पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए झारखंड, बिहार और कई राज्यों के मोस्ट वांटेड नक्सली केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा को धरदबोचा है। जिनपर शासन ने 1 करोड़ के इनामी घोषित किया था। साथ ही जवानों ने दो अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया है।

 

जंगल में घेराबंदी कर किया गिरफ्तार

Jharkhand Misir Besra Arrest जानकारी के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को उसकी लोकेशन के बारे में पता चला जिसके बाद झारखंड पुलिस और कोबरा-209 ने संयुक्त घेराबंदी कर मंगलवार की देर रात धनबाद और गिरिडीह की सीमा क्षेत्र मनियाडीह के जंगल से उसे दबोच लिया गया। सूचना के अनुसार मिसिर बेसरा के साथ उसके दो अन्य माओवादी भी गिरफ्तार हुए हैं।

लंबे समय से था सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर

Jharkhand Misir Besra Arrest आपको बता दें कि मिसिर बेसरा लंबे समय से मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर झारखंड सहित कई राज्यों में नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं। उसकी गिरफ्तारी से माओवादी संगठन झारखंड से समाप्त हो गया।

कल 16 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, छह पर था 39 लाख रुपये का इनाम

आपको बता दें कि कल झारखंड पुलिस के समक्ष मंगलवार को 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इनमें से छह माओवादियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष महतो उर्फ बासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल है, जो 128 मामलों में वांछित था और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने कहा, ‘‘आत्मसमर्पण करने वाले 16 माओवादियों में से छह पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम था। इनमें पांच महिला सदस्य भी शामिल हैं। समूह में एक क्षेत्रीय समिति सदस्य और एक जोनल समिति सदस्य भी शामिल हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में उप-जोनल समिति के दो सदस्य और एरिया समिति के दो पदाधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदस्य संतोष महतो का आत्मसमर्पण झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

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मिसिर बेसरा कौन है?

मिसिर बेसरा एक कथित केंद्रीय कमेटी सदस्य और लंबे समय से वांछित नक्सली था, जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

उसे कहां से गिरफ्तार किया गया?

धनबाद और गिरिडीह की सीमा पर स्थित मनियाडीह जंगल से संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।

ऑपरेशन किसने चलाया?

झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया।

कितने माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया?

झारखंड पुलिस के समक्ष 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें छह पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

इस कार्रवाई का क्या महत्व है?

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता है, जिससे माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लग सकता है।