झारखंड की राजनीति का अनमोल सितारा: नेताओं ने सुदिव्य कुमार के निधन को ‘अपूरणीय क्षति’ बताया

झारखंड की राजनीति का अनमोल सितारा: नेताओं ने सुदिव्य कुमार के निधन को ‘अपूरणीय क्षति’ बताया

झारखंड की राजनीति का अनमोल सितारा: नेताओं ने सुदिव्य कुमार के निधन को ‘अपूरणीय क्षति’ बताया
Modified Date: September 6, 2026 / 09:21 pm IST
Published Date: September 6, 2026 9:21 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

रांची, छह सितंबर (भाषा) झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर रविवार को राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनके निधन को राज्य के लिए ‘‘अपूरणीय क्षति’’ बताया।

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार का रविवार तड़के हृदय गति रुकने से निधन हो गया। झारखंड सरकार ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 56-वर्षीय नेता के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

गिरिडीह से विधायक रहे कुमार के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा खेल एवं युवा कार्य जैसे विभाग थे।

सत्तारूढ़ झामुमो की सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने अपने प्रस्तावित राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए।

राज्यपाल गंगवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कुमार के अचानक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे ‘‘राज्य के लिए अपूरणीय क्षति’’ बताया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सुदिव्य कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और शव को श्मशान घाट तक ले गए। सोरेन ने कहा, ‘‘यह सरकार और पूरे राज्य के लिए अत्यंत दुखद क्षण है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके निधन से राज्य ने एक मेहनती जन-प्रतिनिधि, एक समर्पित मंत्री और एक युवा नेता को खो दिया है। उनकी अचानक मृत्यु झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। राज्य हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।

कुमार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘झारखंडियत के मजबूत स्तंभ -सोनू भैया- हमेशा अमर और अविस्मरणीय रहेंगे। विनम्र श्रद्धांजलि।’’

सोरेन के करीबी और झामुमो के प्रमुख राजनीतिक संकट-मोचक रहे कुमार ने सोरेन की गिरफ्तारी से लेकर चुनाव प्रचार, सीट-बंटवारे की बातचीत और हालिया छात्र अशांति तक, पार्टी को सबसे चुनौतीपूर्ण क्षणों से उबारने में अहम भूमिका निभाई।

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि कुमार के निधन से राज्य के लोग स्तब्ध हैं।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उनका निधन केवल राज्य और उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और उनसे जुड़े हर व्यक्ति के लिए भी क्षति है। उन्होंने जिस भी विभाग या मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली, उसमें कम समय में अपनी दक्षता और समर्पण का परिचय दिया और लोगों के बीच अपनी स्थायी छाप छोड़ी।’’

विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कुमार के निधन को ‘‘राज्य की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति’’ बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘वह एक कुशल जनप्रतिनिधि और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका निधन झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।’’

झामुमो की सहयोगी कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा, ‘‘कुमार एक कुशल राजनीतिज्ञ थे और उन्हें संसदीय प्रणाली की गहरी समझ थी। उनके निधन से राज्य के लोगों को बेहद दुख हुआ है। ईश्वर उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की असीम शक्ति प्रदान करें। हम सभी उनके परिवार के साथ खड़े हैं।’’

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड की राजनीति का एक ‘‘अनमोल सितारा’’ अब हमारे बीच नहीं रहा।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘परसों ही हमारी मुलाकात हुई थी। हमने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पलामू किले के पुनरुद्धार को लेकर चर्चा की थी। भाई, हमें छोड़कर आप अचानक कहां चले गए? झारखंड की राजनीति का एक अनमोल सितारा हमसे विदा हो गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपकी बहुत याद आएगी। आपके बिना विधानसभा सूनी लगेगी।’’

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि कुमार का असामयिक निधन झारखंड और झामुमो के लिए ‘अपूरणीय क्षति’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘जनसेवा और झारखंड के विकास के प्रति उनका समर्पण और प्रतिबद्धता हमेशा याद की जाएगी। इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार, समर्थकों और पूरे झामुमो परिवार के साथ हैं।’

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि कुमार को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त करना बेहद मुश्किल है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘कुछ रिश्ते पद और राजनीति से नहीं, बल्कि दिल से बनते हैं। मेरे लिए ‘बड़े भाई’ सुदिव्य सोनू जी ऐसे ही रिश्ते का नाम थे। आज उन्हें खोने का दर्द मेरे लिए शब्दों में व्यक्त करना बेहद कठिन है। हृदय से श्रद्धांजलि।’’

भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने कुमार के निधन को बेहद दुखद बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने पवित्र चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार तथा उनके समर्थकों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!’’

पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कुमार के असामयिक निधन पर कहा कि वह ‘‘गहरे सदमे और दुख’’ में हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मरांग बुरू दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें। अंतिम जोहार!’’

राज्य की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कुमार के निधन को अपना व्यक्तिगत नुकसान बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘आज की सुबह बेहद दुखद खबर के साथ शुरू हुई। हमारे सहयोगी और मंत्री, भाई सुदिव्य सोनू हमारे बीच नहीं रहे। मैं इस खबर पर विश्वास नहीं कर पा रही हूं। उनका अचानक चले जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।’’

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कुमार उनके लिए भाई जैसे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रिय भाई और सहयोगी का निधन हो गया। इस खबर से मैं बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। उन्होंने इलाज के दौरान बहादुरी से संघर्ष किया, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। वह मेरे लिए भाई जैसे थे और हमें कैबिनेट मंत्री के रूप में उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला। उनका असामयिक निधन हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है।’’

कांग्रेस की झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि लोगों की आवाज उठाने के लिए कुमार के ‘‘समर्पण, सक्रियता और प्रतिबद्धता’’ को हमेशा याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह के लोकप्रिय विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन की खबर स्तब्ध करने वाली और बेहद पीड़ादायक है। उनके निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में जो क्षति हुई है, उसकी निकट भविष्य में भरपाई संभव नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक युवा और मेहनती जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने अपने क्षेत्र और राज्य के विकास के लिए लगातार प्रतिबद्धता दिखाई। जब भी गठबंधन की बात होती थी, वह मतभेदों के बावजूद किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के पक्ष में रहते थे।’’

भाजपा के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने भी कुमार के निधन पर दुख व्यक्त किया और उनके परिवार एवं समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) नेता सरयू राय ने कहा कि उन्होंने एक सच्चा साथी और शुभचिंतक खो दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती।’’

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी कुमार के आकस्मिक निधन को ‘‘अपूरणीय क्षति’’ बताया।

भाषा सुरभि सुरेश

सुरेश


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