राजस्थान: चुनाव ड्यूटी के नाम पर वाहन को कब्जे में लेने को लेकर आरटीओ से विवाद

राजस्थान: चुनाव ड्यूटी के नाम पर वाहन को कब्जे में लेने को लेकर आरटीओ से विवाद

राजस्थान: चुनाव ड्यूटी के नाम पर वाहन को कब्जे में लेने को लेकर आरटीओ से विवाद
Modified Date: September 6, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: September 6, 2026 10:29 pm IST

जयपुर, छह सितंबर (भाषा) राजस्थान के जयपुर में शनिवार रात निकाय चुनाव ड्यूटी के नाम पर एक निजी टोयोटा हाइलक्स वाहन को कथित तौर पर कब्जे में लेने के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के प्रयास को लेकर विवाद हो गया।

वाहन में मौजूद परिवार के सदस्यों ने आरटीओ के इस कदम का विरोध किया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

खातीपुरा निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार रात उनका बेटा तनुराज और परिवार के अन्य सदस्य मेहरोली गांव से जयपुर लौट रहे थे।

उन्होंने बताया कि इसी दौरान विश्वकर्मा रोड नंबर सात के पास लाल बत्ती पर आरटीओ की टीम ने वाहन को रोका।

तनुराज ने आरोप लगाया कि परिवहन निरीक्षक ने बताया कि जयपुर में मौजूद 18 हाइलक्स वाहनों को निकाय चुनाव ड्यूटी के लिए कब्जे में लेने के निर्देश हैं और वाहन को विद्याधर नगर स्थित आरटीओ कार्यालय ले जाना होगा।

उन्होंने दावा किया कि आरटीओ टीम ने इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया।

परिवार के सदस्यों ने आधी रात में वाहन नहीं ले जाने का अनुरोध किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने वाहन ले जाने पर जोर दिया और ऐसा नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी।

परिवार के अनुसार, इस दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई और मामला बढ़ने के बाद अधिकारियों ने वाहन में कथित नियम विरुद्ध बदलाव (मॉडिफिकेशन) का हवाला देते हुए चालान बनाने और वाहन जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि करीब दो घंटे तक विवाद जारी रहा और पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ, जिसके बाद आरटीओ टीम वाहन को छोड़कर चली गई।

परिवार ने आरोप लगाया कि वाहन को मनमाने तरीके से चुनाव ड्यूटी के लिए कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा था।

वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वाहन में नियमों के विरुद्ध बदलाव किए गए थे और इसी आधार पर चालान बनाकर जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई थी।

परिवहन निरीक्षक अनिल बसवाल ने बताया कि वाहन में बदलाव किए गए थे इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों के लिए ऑटो की व्यवस्था भी की गई थी लेकिन वे हंगामा करने लगे।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस के पहुंचने पर विवाद समाप्त हुआ और वाहन को छोड़ दिया गया।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


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