झारखंड ने जल जीवन मिशन 2.0: के क्रियान्वयन के लिए केंद्र के साथ एमओयू किया

झारखंड ने जल जीवन मिशन 2.0: के क्रियान्वयन के लिए केंद्र के साथ एमओयू किया

झारखंड ने जल जीवन मिशन 2.0: के क्रियान्वयन के लिए केंद्र के साथ एमओयू किया
Modified Date: June 3, 2026 / 10:02 am IST
Published Date: June 3, 2026 10:02 am IST

रांची, तीन जून (भाषा) झारखंड सरकार और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच राज्य में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

इस मिशन के तहत झारखंड को 2,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य ग्रामीण पेयजल ढांचे को बेहतर बनाना और नल से जल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

एमओयू पर हस्ताक्षर मंगलवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल की अध्यक्षता में हुए एक कार्यक्रम में किया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां राज्य सचिवालय से ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

सोरेन ने कहा, ‘‘राज्य सरकार और केंद्र के बीच यह एमओयू भविष्य में महत्वपूर्ण साबित होगा।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2019 से इस मिशन के जरिए हर घर तक नल का जल पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

सोरेन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद झारखंड इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लंबित परियोजनाओं को केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था और मजबूत होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जल सहिया दीदियों के योगदान को और सशक्त बनाने तथा झारखंड के हिस्से की लंबित राशि शीघ्र उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया। हमारा संकल्प है कि राज्य के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित हो।’’

राज्य में 2019-20 से जल जीवन मिशन के तहत 24,635 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली पेयजल योजना लागू की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अब तक केंद्र द्वारा पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि 55 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन केंद्र ने पूरे कामों के एवज में अब तक ‘‘केवल 46 प्रतिशत’’ अनुदान ही जारी किया है।

सोरेन ने केंद्र सरकार से लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लंबित सहायता राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया।

भाषा खारी अमित

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