झारखंड शहरी स्थानीय निकाय चुनाव : अपराह्न तीन बजे तक करीब 51 प्रतिशत मतदान दर्ज
झारखंड शहरी स्थानीय निकाय चुनाव : अपराह्न तीन बजे तक करीब 51 प्रतिशत मतदान दर्ज
(तस्वीरों के साथ )
रांची, 23 फरवरी (भाषा) झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए सोमवार अपराह्न तीन बजे तक कुल 43 लाख अर्हता मतदाताओं में से करीब 51 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था। एक चुनाव अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक मतदान निर्धारित है।
राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने कहा, ‘‘अपराह्न तीन बजे तक 50.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।’’
उन्होंने बताया कि सरायकेला नगर पंचायत में सबसे अधिक 63.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि रांची नगर निगम में सबसे कम 34.16 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद धनबाद नगर निगम में 36.60 प्रतिशत मतदान हुआ।
इस चुनाव में 43 लाख से अधिक मतदाता 6,000 से अधिक उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी एवं गांडे सीट से विधायक कल्पना सोरेन ने रांची के हरमू इलाके में सेंट पॉल कुलदीप हाईस्कूल में स्थित एक बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मुख्यमंत्री सोरेन ने मतदान करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘नगर निकाय चुनाव हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके तहत हम अपने स्थानीय प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। हमने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है और लोगों से अपील करते हैं कि वे भी अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करें।’’
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के काजू बागान इलाके में एक बूथ पर अपना मताधिकार प्रयोग किया।
राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) अलका तिवारी ने रांची की वार्ड संख्या 40 में अपने मताधिकार का प्रयोग किया और कहा कि पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है।
अधिकतर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि, दो प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों रांची और धनबाद में कम मतदान दर्ज किया गया।
राज्य के कुछ हिस्सों से अराजकता और मामूली झड़पों की खबरें मिलीं।
गिरिडीह जिले के टाउन पुलिस थाना क्षेत्र के एक बूथ पर दो उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। हालांकि, पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया। बोकारो जिले के चास नगर निगम क्षेत्र की बूथ संख्या 32 पर भी इसी तरह की घटना की सूचना मिली।
रांची में कई इलाकों के मतदाताओं ने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था का आरोप लगाया। राजेश सिन्हा नामक व्यक्ति ने कहा कि उनका नाम मतदाता सूची में न होने के कारण वह अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके।
सिन्हा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरा मतदान केंद्र धुर्वा स्थित कैराली स्कूल में था। मुझे मतदान केंद्र के बाहर एक पर्ची दी गई थी जिस पर मेरा नाम और कमरा नंबर लिखा था। जैसे ही मैं मतदान केंद्र में दाखिल हुआ, मतदान अधिकारियों को मेरा नाम मतदाता सूची में नहीं मिला, जबकि मेरा नाम निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मौजूद था। मुझे वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई और मुझे वापस लौटना पड़ा।’’
उन्होंने दावा किया कि कई अन्य मतदाताओं को भी उन्हीं के जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
पाकुड़ में रमजान के बावजूद महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कतार में खड़ी दिखाई दीं। पाकुर में मुस्लिम आबादी काफी अधिक है।
राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि 48 शहरी स्थानीय निकायों में महापौर और अध्यक्षों के पदों के लिए तथा नौ नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के 1,042 वार्ड में पार्षदों के पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं।
महापौर और अध्यक्ष के पदों के लिए 235 महिलाओं सहित कुल 562 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड पार्षदों के पदों के लिए 2,727 महिलाओं सहित 5,562 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रसाद ने कहा कि सभी बूथ पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
चुनाव के लिए कुल 4,307 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 896 को अति संवेदनशील और 2,445 को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है।
झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्नों पर नहीं लड़े जाते हैं लेकिन उम्मीदवारों को इन दलों का समर्थन प्राप्त होता है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

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