कबड्डी खिलाड़ी की हत्या का मामला: मोहाली में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया ए हमलावर

कबड्डी खिलाड़ी की हत्या का मामला: मोहाली में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया ए हमलावर

कबड्डी खिलाड़ी की हत्या का मामला: मोहाली में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया ए हमलावर
Modified Date: January 17, 2026 / 11:50 am IST
Published Date: January 17, 2026 11:50 am IST

चंडीगढ़, 17 जनवरी (भाषा) कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बालाचौरिया की हत्या में शामिल हमलावरों में से एक मोहाली में पुलिस हिरासत से भागने के बाद पंजाब पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मारा गया।

अमृतसर निवासी करण पाठक उर्फ ​​करण डिफॉल्टर, एक अन्य शूटर तरनदीप सिंह और पश्चिम बंगाल के हावड़ा निवासी उनके साथी को कुछ दिन पहले पंजाब पुलिस के गैंगस्टर रोधी कार्य बल (एजीटीएफ) ने गिरफ्तार किया था।

राणा बालाचौरिया (30) की 15 दिसंबर 2025 को मोहाली के सोहना में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि पाठक पुलिस की अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) की हिरासत में था।

एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार रात को पाठक ने सीने में दर्द की शिकायत की और जब उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था तो रात करीब 11:30 बजे घने कोहरे के कारण पुलिस वाहन सड़क पर डिवाइडर से टकरा गया तथा पाठक भाग गया।

उन्होंने बताया कि पूरे जिले में आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई और चंडीगढ़, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब की पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया। आरोपी का पता लगाने के लिए विभिन्न पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं।

एसएसपी ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने शनिवार को सुबह करीब साढ़े बजे मोहाली के खरड़ में उसे देखा और उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन उसने भागने की कोशिश की।

उन्होंने बताया कि पाठक ने पुलिस पर छह से सात गोलियां चलाईं और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिससे वह घायल हो गया।

एसएसपी ने बताया कि पहले उसे पास के एक अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन बाद में उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

जब उनसे पूछा गया कि पुलिस पर गोली चलाने के लिए पाठक को हथियार कहां से मिला, तो एसएसपी ने कहा कि पाठक छह-सात घंटे से फरार था और उसने संभवतः हथियार ऐसी जगह से प्राप्त किया होगा जहां उसने उसे छिपा रखा था। हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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