कानपुर बलात्कार मामला: दो और पुलिसकर्मिया के खिलाफ कार्रवाई की गई

कानपुर बलात्कार मामला: दो और पुलिसकर्मिया के खिलाफ कार्रवाई की गई

कानपुर बलात्कार मामला: दो और पुलिसकर्मिया के खिलाफ कार्रवाई की गई
Modified Date: January 10, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: January 10, 2026 10:25 pm IST

कानपुर (उप्र), 10 जनवरी (भाषा) कानपुर के सचेंडी इलाके में 14 वर्षीय लड़की के कथित अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में दो और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पनकी के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शिखर को रिजर्व पुलिस लाइंस से संबद्ध कर दिया है और भीमसेन पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है।

लाल ने बताया कि पुलिस ने मामले में फरार उप निरीक्षक (एसआई) अमित कुमार मौर्य की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को 50,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

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इससे पहले कथित लापरवाही और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के आरोप में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दिनेश त्रिपाठी को हटाया गया था और सचेंडी थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विक्रम सिंह को निलंबित किया गया था।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर लापरवाही के दोषी पाए गए सभी अधिकारियों को गैर-जिला क्षेत्र (नॉन-डीएफ) पदों पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने इस कदम को उदाहरण पेश करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया है।

घटना के चार दिन बाद शुक्रवार को पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया।

नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कार्यवाही लगभग 30 मिनट तक चली।

अधिकारी ने बताया कि इससे एक दिन पहले, अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई थी क्योंकि पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम (पाक्सो) के प्रावधानों को लागू नहीं किया था। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में बाद में अधिनियम की संबंधित धाराओं को शामिल करने के लिए संशोधन किया गया।

बयान दर्ज करने के बाद, नाबालिग को उसके भाई के साथ घर भेज दिया गया और पुलिस ने परिवार को सुरक्षा प्रदान की।

पुलिस आयुक्त ने पीटीआई-भाषा को बताया कि फरार पुलिस अधिकारी का पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में चार टीम गठित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि गोरखपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की गई।

यह आरोप भी सामने आए हैं कि स्थानीय पुलिस स्तर पर देरी और लापरवाही ने आरोपियों को भागने के लिए पर्याप्त समय दिया।

इससे पहले, बुधवार को पुलिस ने स्थानीय यूट्यूबर शिवबरन यादव को गिरफ्तार किया था जबकि अमित कुमार मौर्य फरार हो गया।

प्राथमिकी के अनुसार, कक्षा सात की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली छात्रा को सोमवार रात करीब 10 बजे अगवा कर एक कार से रेलवे पटरी के पास एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसके साथ करीब दो घंटे तक कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसे बेहोश हालत में उसके घर के बाहर छोड़ दिया गया। अपराध में इस्तेमाल की गई एसयूवी, जो मौर्या के नाम पर पंजीकृत है, जब्त कर ली गई है।

पुलिस जांच में पता चला कि बिठूर पुलिस थाने में तैनात होने के बावजूद मौर्य घटना के समय सचेंडी में मौजूद था।

पीड़िता के परिवार ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि एक पुलिसकर्मी की संलिप्तता का जिक्र करने पर उन्हें शुरू में वापस भेज दिया गया था। जांच अब एडीसीपी (पश्चिम) कपिल देव सिंह को सौंप दी गई है, जबकि दीनानाथ मिश्रा को सचेंडी पुलिस थाने का प्रभार दिया गया है।

भाषा सं आनन्द सिम्मी

सिम्मी


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