कर्नाटक: सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के दो अंतरे बजाए जाने पर भाजपा विधायक का बहिर्गमन

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कर्नाटक: सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के दो अंतरे बजाए जाने पर भाजपा विधायक का बहिर्गमन

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 05:05 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 05:05 PM IST

शिवमोग्गा (कर्नाटक), 16 सितंबर (भाषा) पूरे राष्ट्रगीत के बजाय इसके केवल दो अंतरे बजाए जाने का विरोध करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने यहां आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम का बहिष्कार किया।

शिवमोग्गा जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ. बी. आर. आंबेडकर भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें राष्ट्रगीत बजाया गया।

शिवमोग्गा के विधायक एस. एन. चन्नाबसप्पा इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस समारोह में जिले के उपायुक्त सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जब राष्ट्रगीत दो अंतरों के बाद अचानक बंद हो गया तो भाजपा विधायक ने पूरा राष्ट्रगीत बजाने की मांग की। हालांकि, जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए इसे पूरा बजाने से इनकार कर दिया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनवरी में निर्देश दिया था कि जब भी राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को एक साथ गाया या बजाया जाए, तो इस क्रम में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों को पहले गाया या बजाया जाए। केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह निर्देश जारी किया था।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार के इन दिशानिर्देशों के विपरीत, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 10 सितंबर 2026 को एक आदेश जारी कर राज्य के रोजमर्रा के सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो अंतरों को ही गाने का नियम तय किया है। इसी वजह से यह विवाद खड़ा हुआ।

भाषा सुमित नरेश

नरेश