MP Congress News: कांग्रेस में होगा बड़ा बदलाव! दिल्ली से इन नेताओं को आया बुलावा, जानिए किन मुद्दों को लेकर होगी चर्चा Photo Creadit: Social Media
बेंगलुरु: Karnataka Cabinet Expansion कर्नाटक में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार को हो गया, लेकिन इसके साथ ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर असंतोष भी खुलकर सामने आ गया। मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे कुछ विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की।
Karnataka Cabinet Expansion मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने नाराज नेताओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि आज वह जिस पद पर हैं, वहां तक पहुंचने में धैर्य ने ही उनकी मदद की है। उन्होंने ऐसे समय यह अपील की, जब पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता दिख रहा है। मंत्री पद के कुछ दावेदारों के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि दो विधायकों ने विधायक पद से इस्तीफा देने की पेशकश की।शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ कई विधायक हैं और उनमें से कई मंत्री बनने के योग्य हैं। मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं। लेकिन कुछ परिस्थितियों में पार्टी को निर्णय लेना पड़ता है। वर्ष 2004 में मुझे भी मंत्री नहीं बनाया गया था। सिद्धरमैया सरकार (2013-18) के दौरान भी शुरुआत में मुझे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था। मैंने धैर्य बनाए रखा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज मैं इसी धैर्य की वजह से इस पद पर बैठा हूं। मैं सभी से धैर्य रखने का आग्रह करता हूं। हम सभी के लिए अवसर पैदा करेंगे। कृपया धैर्य रखें।’’ मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौड़ा वी. पाटिल ने सोमवार को विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। सागर से विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने की मंशा जाहिर की। गोपालकृष्ण ने कहा, ‘‘मैं बेहद निराश हूं। ऐसा लगता है कि केवल प्रभावशाली लोगों और पूर्व मुख्यमंत्रियों तथा वरिष्ठ नेताओं के बच्चों को ही महत्व दिया जाता है, सामान्य विधायकों को नहीं। इससे मैं आहत हूं। मैं कल विधायक पद से इस्तीफा दूंगा।’’ मैसुरु में विधायक तनवीर सैत के समर्थकों ने उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने के विरोध में मैसुरु-बेंगलुरु मार्ग पर चक्का जाम किया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और न्याय की मांग करने लगे, जिससे यातायात बाधित हो गया। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
संवाददाताओं से बातचीत में सैत ने सवाल किया कि मंत्रिमंडल विस्तार किन आधारों पर किया गया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपने समर्थकों और शुभचिंतकों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय करेंगे। सैत ने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके साथ न्याय नहीं किया और जो लोग खुले तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे तथा पार्टी नेतृत्व को चुनौती देते रहे, उन्हें पुरस्कृत किया गया। सैत ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि निष्ठा और ईमानदारी का कोई मूल्य नहीं रह गया है।’’ बेंगलुरु में गोविंदराजनगर की विधायक प्रिया कृष्णा के समर्थकों ने भी न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।राज्य के विभिन्न हिस्सों से मंत्री पद के दावेदारों के समर्थकों द्वारा ऐसे कई विरोध प्रदर्शनों की खबरें मिली हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभालने के दो महीने बाद डी. के. शिवकुमार ने सोमवार को 19 मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया।