कर्नाटक: मुख्यमंत्री ने लंबित रिक्तियों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, धारवाड़ में प्रदर्शन तेज
कर्नाटक: मुख्यमंत्री ने लंबित रिक्तियों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, धारवाड़ में प्रदर्शन तेज
बेंगलुरु, 24 फरवरी (भाषा) कर्नाटक के धारवाड़ में सरकारी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन तेज किये जाने और कई लोगों को एहतियाती हिरासत में लिए जाने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को रिक्त पदों के अंबार के लिए पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कर्नाटक में विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 2.80 लाख पद रिक्त हैं, जबकि पिछले तीन वर्षों में 5,000 से भी कम भर्तियां हुई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार सुबह धारवाड़ में एक विशाल प्रदर्शन किया।
सिद्धरमैया ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जब 2023 में कांग्रेस सत्ता में आई, तब 2.64 लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त थे।
उन्होंने कहा कि यह अंबार ‘पिछली भाजपा सरकार के लंबे समय तक निष्क्रिय रहने का परिणाम है, जो समय पर भर्ती शुरू करने या रिक्तियों को भरने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना बनाने में विफल रही’।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा नेता अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ को साधने के लिए आज भी भोले-भाले विद्यार्थियों को गुमराह कर रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता उम्मीदवारों को अपनी तैयारी और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय “अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा स्थिति मुख्य रूप से 2019 से 2023 के बीच भाजपा शासन के दौरान भर्ती में अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के कारण है, जिससे व्यवस्था में विश्वास कम हुआ व भारी संख्या में भर्तियां लंबित रह गईं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भर्ती प्रक्रिया में विश्वसनीयता, पारदर्शिता और स्थिरता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
सिद्धरमैया ने कहा कि आंतरिक आरक्षण से संबंधित कानूनी चुनौतियों के कारण कई भर्ती प्रक्रियाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, जिन पर अदालतों में विचार जारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हजारों अभ्यर्थियों के करियर को खतरे में डालने वाले जल्दबाजी भरे फैसले लेने के बजाय कानून के दायरे में रहकर जिम्मेदारी से काम करना चुना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इन संरचनात्मक और कानूनी बाधाओं के बावजूद, हमारी सरकार ने दृढ़ संकल्प व ईमानदारी के साथ काम किया है। अकेले पिछले ढाई वर्षों में ही विभिन्न विभागों में 40,000 से अधिक भर्तियां पूरी की गई हैं।”
सिद्धरमैया ने कहा कि सरकार इस बात से अवगत है कि कई अभ्यर्थियों को अपने नियंत्रण से बाहर की देरी के कारण वर्षों तक इंतजार करना पड़ा है।
उन्होंने कहा, “मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि शेष रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया जारी है और इसे पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने विरोध प्रदर्शनों पर कहा कि उन्होंने स्थिति पर गंभीरता से संज्ञान लिया है।
उन्होंने कहा, “मैं सरकारी नौकरी के इच्छुक कई अभ्यर्थियों की चिंता, निराशा और अनिश्चितता को समझता हूं।”
सिद्धरमैया ने दोहराया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और भविष्य में इस तरह की देरी को रोकने के लिए संस्थानों को मजबूत करने के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक व नीतिगत उपाय कर रही है।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव

Facebook


