बेंगलुरु, 21 मई (भाषा) कर्नाटक राज्य साइबर कमांड ने फर्जी कॉल सेंटरों से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर अमेरिका स्थित एक प्रमुख लेखा फर्म की आड़ में बेंगलुरु में संचालित हो रहे थे और अमेरिका में नागरिकों को धोखा दे रहे थे। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में दिल्ली निवासी प्रशांत और उत्तर प्रदेश निवासी आकाश को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को मिली सूचना के आधार पर, अधिकारियों ने बेंगलुरु में चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जहां कथित तौर पर फर्जी कॉल सेंटर चल रहे थे।
पुलिस के अनुसार, ये कॉल सेंटर अमेरिका की एक प्रमुख अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर कंपनी, इंटुइट क्विकबुक्स का रूप धारण करके फर्जी कर सलाह, फर्जी लाइसेंस और नवीनीकरण सेवाएं देकर अमेरिकी नागरिकों को धोखा दे रहे थे।
आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी लाइसेंस कुंजी और धोखाधड़ी वाले सॉफ्टवेयर संबंधी सेवाएं भी प्रदान कीं।
पुलिस महानिदेशक (साइबर कमांड) प्रणब मोहंती ने एक बयान में कहा, ‘इन फर्जी सेवाओं के लिए उन्होंने धोखाधड़ी से भारी रकम फीस के रूप में वसूल की। कॉल सेंटर के कर्मचारियों ने अमेरिकी अधिकारियों से मिलते-जुलते फर्जी नामों का इस्तेमाल किया और अमेरिकी नागरिकों को ठगा।’
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से धोखाधड़ी में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
जब्त की गई वस्तुओं में 44 सॉलिड-स्टेट ड्राइव (एसएसडी), दो मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, नौ सीपीयू, पीड़ितों से बातचीत के लिए तैयार की गई स्क्रिप्ट और कई अन्य सहायक उपकरण शामिल हैं।
मोहंती ने कहा, “आरोपी ने ‘सर्कल स्क्वायर एलएलसी’ नाम की एक कंपनी बनाई और कथित तौर पर फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करके अमेरिकी नागरिकों से बड़ी मात्रा में धन की हेराफेरी की। यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि पैसा कैसे प्राप्त किया गया, किन खातों के माध्यम से इसे स्थानांतरित किया गया और इसे कैसे धन शोधन के जरिए साफ किया गया।”
भाषा तान्या नरेश
नरेश