कर्नाटक सरकार ने लोक स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने के लिए योजना पेश की

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कर्नाटक सरकार ने लोक स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने के लिए योजना पेश की

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  • Publish Date - December 24, 2020 / 12:22 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:59 PM IST

बेंगलुरू, 24 दिसंबर (भाषा) लोक स्वास्थ्य के मामले में कर्नाटक को देश में अव्वल राज्य बनाने के मकसद से राज्य सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए बृहस्पतिवार को एक विस्तृत योजना पेश की।

योजना के मुताबिक, सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का आधारभूत ढांचा मजबूत कर और डॉक्टरों तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाकर इन्हें ‘वेलनेस सेंटर’ के तौर पर तैयार करना चाहती है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर की प्रस्तुति देखने के बाद मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने के लिए हम कुछ शानदार विचार लेकर आए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को पूरा करने के लिए हम ठोस प्रयास करेंगे।’’

येदियुरप्पा के मुताबिक प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर एक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस करने वालों को कुछ समय तक ग्रामीण इलाकों में काम करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचसी में तमाम व्यवस्था रहने से लोगों को तालुक या जिला मुख्यालय तक इलाज के लिए जाने की जरूरत नहीं होगी। आगामी बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए और बजट की व्यवस्था की जाएगी।

सुधाकर ने कहा कि राज्य में 2380 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं और 30,000 की आबादी के हिसाब से इसका निर्माण किया गया है। हरेक पीएचसी में छह बेड हैं जिसे कुछ जगहों पर बढ़ाकर 12 से 20 बेड किए जाएंगे।

हरेक पीएचसी में जच्चा-बच्चा खंड भी होगा। अस्पताल में एक प्रयोगशाला भी होगी जिसमें अलग-अलग जांच की जा सकेगी।

इसी तरह 80,000 लोगों की आबादी पर बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ढांचे को भी बेहतर किया जाएगा। तालुक अस्पताल की व्यवस्था 1.5 लाख की आबादी पर होगी और इसमें भी जच्चा-बच्चा खंड होगा।

मंत्री के मुताबिक, 18 जिला अस्पताल चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध हैं और 15 अन्य अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत हैं। आगामी दिनों में इन सभी अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बदला जाएगा।

भाषा आशीष मनीषा

मनीषा