कर्नाटक सरकार ने विश्वविद्यालय में आयोजित आरएसएस के कार्यक्रम को रोका

कर्नाटक सरकार ने विश्वविद्यालय में आयोजित आरएसएस के कार्यक्रम को रोका

कर्नाटक सरकार ने विश्वविद्यालय में आयोजित आरएसएस के कार्यक्रम को रोका
Modified Date: March 24, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: March 24, 2026 9:26 pm IST

बेंगलुरु, 24 मार्च (भाषा) कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री एम सी सुधाकर ने मंगलवार को मैसुरु स्थित कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (केएसओयू) में विचारक दीनदयाल उपाध्याय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा प्रस्तावित तीन दिवसीय व्याख्यान शृंखला को रोकने के राज्य सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सरकारी विश्वविद्यालयों को गैर-राजनीतिक होना चाहिए और वैचारिक प्रभाव से मुक्त रहना चाहिए।

आरएसएस के मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि ‘एकात्मा मानव दर्शन’ नामक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन 25 से 27 मार्च तक केएसओयू के दीक्षांत समारोह हॉल में आयोजित किया जाएगा।

सुधाकर ने व्याख्यान श्रृंखला रद्द करने को लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा की जा रही आलोचना पर कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आयोजन निकाय की प्रकृति और विश्वविद्यालय अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘हमारे सरकारी विश्वविद्यालयों को राजनीति से दूर रहना चाहिए। हमारे विश्वविद्यालयों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए।’’

सुधाकर ने आयोजकों से विश्वविद्यालय के जुड़ाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘यह चौंकाने वाली बात है कि हमारे विश्वविद्यालय ने उनके साथ समन्वय किया है। स्वयं कुलपति ही स्वागत समिति के अध्यक्ष हैं।’’

आयोजकों के एक विशेष विचारधारा से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘यह संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा एक बौद्धिक संगठन है। जब ऐसा संगठन इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है और स्वयं कुलपति भी इसका हिस्सा हैं, तो मुझे लगता है कि इससे गलत संदेश जाता है।’’

सुधाकर ने इस घटनाक्रम को ‘‘प्रोटोकॉल का उल्लंघन’’ करार दिया और कहा कि सरकार को इस घटना की जानकारी नहीं दी गई थी।

मंत्री ने सरकार के रुख को दोहराते हुए कहा, ‘‘यह एक सरकारी विश्वविद्यालय है, और उन्होंने हमें सूचित करने की जहमत तक नहीं उठाई। अगर इसका संबंध उच्च शिक्षा में सुधार से था, तो सरकार को भी इसमें शामिल करना चाहिए था।’’

आरएसएस ने कहा था कि यह कार्यक्रम कर्नाटक के प्रज्ञा प्रवाह और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

आयोजकों ने कहा कि सम्मेलन का उद्घाटन कर्नाटक के राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति, थावरचंद गहलोत द्वारा सुत्तुरु मठ के शिवरात्रि देशिकेंद्र स्वामीजी की उपस्थिति में किया जाएगा।

आयोजकों के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 26 मार्च को एक विशेष व्याख्यान को संबोधित करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सम्मेलन विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुल सचिव, प्रोफेसर और शोधार्थी के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक विज्ञान के विशेषज्ञों और विचारकों को एक साथ लाएगा।’’

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल


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