कर्नाटक पुलिस ने खत्म की ‘अर्दली व्यवस्था’, पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत

कर्नाटक पुलिस ने खत्म की 'अर्दली व्यवस्था', पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत

कर्नाटक पुलिस ने खत्म की ‘अर्दली व्यवस्था’, पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत
Modified Date: March 6, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: March 6, 2026 3:31 pm IST

बेंगलुरु, छह मार्च (भाषा) कर्नाटक पुलिस ने विभाग में लंबे समय से चली आ रही ‘अर्दली व्यवस्था’ को समाप्त करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

‘अर्दली व्यवस्था’ एक औपनिवेशिक विरासत है। इसमें पुलिस या सशस्त्र बलों के निचले स्तर के कर्मियों को वरिष्ठ अधिकारियों के निजी घरेलू कार्यों के लिए उनके आवास पर तैनात किया जाता है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं पुलिस महानिरीक्षक एम ए सलीम द्वारा 19 फरवरी को एक आदेश जारी कर यह जानकारी दी गयी।

अधिकारियों के मुताबिक डीजीपी का यह आदेश सरकार के उस निर्देश के बाद आया है जिसमें उस प्रणाली को संशोधित करने के लिए कहा गया था जिसके तहत पुलिस बल के कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों के व्यक्तिगत कार्यों को पूरा करने के लिए नियुक्त किया जाता था।

अधिकारियों ने कहा कि इन गैर-पुलिसिंग कार्यों में अक्सर खाना पकाना, सफाई करना, अन्य घरेलू काम और यहां तक ​​कि अधिकारियों के बच्चों को घर छोड़ना भी शामिल होता था।

उन्होंने कहा कि नए आदेश का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को निजी सहायकों के रूप में तैनात करने की प्रथा को समाप्त करना और इसके बजाय उन्हें पुलिसिंग के मुख्य कर्तव्यों के लिए उपयोग में लाना है।

डीजीपी के आदेश के अनुसार, सिविल पुलिस में 373 अनुचर (सहायक) पद सृजित किए गए हैं, बशर्ते कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस से इतने ही पद समाप्त कर दिए जाएं।

इसमें कहा गया है कि जब तक भर्ती नियमों को अधिसूचित नहीं किया जाता और नियुक्तियां नहीं की जातीं, तब तक इन पदों के लिए कर्मियों को आउटसोर्सिंग के आधार पर नियुक्त किया जाएगा और उनका वेतन न्यूनतम मजदूरी मानदंडों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।

इस आदेश में निर्देश दिया गया है कि वर्तमान में अर्दली के रूप में तैनात पुलिसकर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त किया जाए और संबंधित कमांडेंट, पुलिस उपायुक्तों, पुलिस उपाधीक्षकों और निरीक्षकों को अपने-अपने इकाई के प्रमुखों को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

आदेश के अनुसार, जिन अधिकारियों के साथ अब पुलिसकर्मियों को अर्दली के रूप में तैनात नहीं किया जाएगा, उन्हें ऐसे कर्मचारियों के बदले मासिक भत्ता प्रदान किया जाएगा। यह मासिक भत्ता कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 8,000 रुपये प्रति माह से लेकर अन्य के लिए 2,000 रुपये तक हो सकता है।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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