कर्नाटक : सत्यापन के बगैर प्रवासी श्रमिकों को प्रमाण पत्र देने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित

कर्नाटक : सत्यापन के बगैर प्रवासी श्रमिकों को प्रमाण पत्र देने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित

कर्नाटक : सत्यापन के बगैर प्रवासी श्रमिकों को प्रमाण पत्र देने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: June 20, 2026 / 09:10 pm IST
Published Date: June 20, 2026 9:10 pm IST

मंगलुरु, 20 जून (भाषा) कर्नाटक में मंगलुरु नगर के पुलिस आयुक्त सुधीर कुमार रेड्डी ने कथित रूप से बिना उचित सत्यापन और वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के 31 प्रवासी श्रमिकों को पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र (पीसीसी) जारी किए जाने के मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

पुलिस के अनुसार निलंबित कर्मियों में बाजपे पुलिस थाने में तैनात महिला कांस्टेबल आशा और हेड कांस्टेबल मंजूनाथ शामिल हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन दोनों कर्मियों ने असम और बिहार से आए श्रमिकों को पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र जारी किए थे।

पुलिस आयुक्त ने एक बयान में कहा, ‘‘पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।’’

यह मामला एक केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा उजागर किए जाने और मंगलुरु पुलिस को सतर्क किए जाने के बाद सामने आया।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) में ठेका आधार पर कार्यरत श्रमिकों के पृष्ठभूमि सत्यापन की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी किए बिना कई प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कई श्रमिकों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय इन प्रमाण पत्रों का उपयोग किया। जांच एजेंसियों ने आशंका जताई है कि प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले कुछ श्रमिकों की आपराधिक पृष्ठभूमि हो सकती है या उनका राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से संबंध हो सकता है।

पुलिस के अनुसार, इन श्रमिकों ने स्थानीय स्तर पर अस्थायी पते दर्ज कराए थे और कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से प्रमाण पत्र हासिल किए थे।

पुलिस आयुक्त रेड्डी ने मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त (उत्तर प्रभाग) श्रीकांत को सौंपी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं। विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही मामले से संबंधित पुष्ट जानकारी साझा की जाएगी।’’

भाषा

सं, राजेंद्र रवि कांत


लेखक के बारे में