कश्मीरी पंडितों ने नरसंहार सहा, संस्कृति को संरक्षित रखा: उपराज्यपाल सिन्हा

कश्मीरी पंडितों ने नरसंहार सहा, संस्कृति को संरक्षित रखा: उपराज्यपाल सिन्हा

कश्मीरी पंडितों ने नरसंहार सहा, संस्कृति को संरक्षित रखा: उपराज्यपाल सिन्हा
Modified Date: April 29, 2026 / 12:01 am IST
Published Date: April 29, 2026 12:01 am IST

जम्मू, 28 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने नरसंहार और विस्थापन जैसी पीड़ा झेलने के बावजूद अपनी संस्कृति, परंपरा, आस्था, शिक्षा और भाषा को सुरक्षित रखा।

‘द वेव्स ऑफ रेजिलिएंस: स्टोरी ऑफ रेडियो शारदा’ पुस्तक के विमोचन पर उन्होंने कहा कि समुदाय भौतिक संपत्ति पीछे छोड़कर मूल्यों की विरासत साथ लेकर आगे बढ़ा।

उन्होंने कहा कि 2011 में शुरू हुआ ‘रेडियो शारदा’ दुनिया भर में बसे कश्मीरी पंडितों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बना और इसने गीत, कहानियों और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ कवियों, विद्वानों और कलाकारों को मंच प्रदान किया।

सिन्हा ने कहा कि इस पहल और सरकारी प्रयासों ने युवाओं के लिए नए अवसर बनाए हैं।

उन्होंने समुदाय के लोगों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया।

भाषा

राखी वैभव

वैभव


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