उडुपी, 19 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा है कि सरकार कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के दायरे में आने वाले इलाकों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी और उसके बाद कोई निर्णय लेगी।
शिवकुमार ने शुक्रवार को उडुपी जिले के हेबरी में स्थानीय लोगों और अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक बैठक में कहा कि सरकार केंद्र को अपना निर्णय बताने से पहले इस इलाके में रहने वाले लोगों की चिंताओं को समझना चाहती है।
कस्तूरीरंगन समिति ने पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए पश्चिमी घाट के 37 प्रतिशत हिस्से को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की सिफारिश की है। इस सिफारिश के दायरे में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु की करीब 60,000 वर्ग किलोमीटर जमीन आ रही है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा, ‘‘हमें 27 सितंबर तक केंद्र को अपना फैसला भेजना है। हम यहां आपकी राय जानने और आपको हो रही दिक्कतों को समझने आए हैं। आपने केरलम मॉडल के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति बनाने और भौतिक सत्यापन करने का सुझाव दिया है। हम इन सुझावों पर विचार करेंगे और विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।’’
सरकार ने किसानों, सूखे और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विधानमंडल का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है।
शिवकुमार ने कहा कि सत्र के पहले दिन कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह वहां के लोगों की राय जानने के लिए शिवमोगा और चिकमगलूर का भी दौरा करेंगे।
भाषा धीरज रंजन
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