KCC Loan Interest Rate: किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला, आरबीआई करने जा रही किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव, अन्नदाताओं की हो जाएगी चांदी
KCC Loan Interest Rate: किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला, आरबीआई करने जा रही किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव, अन्नदाताओं की हो जाएगी चांदी
KCC Loan Interest Rate: किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला, आरबीआई करने जा रही किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव / Image: IBC24 Customized
- केसीसी की अवधि को अब 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया गया
- किसानों को ऋण प्रबंधन के लिए अधिक समय मिलेगा
- ऋण प्रबंधन को आसान बनाने के लिए फसलों को दो श्रेणियों में बांटा गया
नई दिल्ली: KCC Loan Interest Rate भारत सदियों से कृषि प्रधान देश रहा है, यहां की आधी से अधिक आबादी कृषि पर आधारित है। ऐसे में सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चलाती जो उन्हें कृषि कार्य में मदद करते हैं। सरकार की ओर से चलाई जाने वाली योजनाएं आर्थिक ही नहीं अन्य तरह की भी होती है। वहीं, किसान क्रेडिट कार्ड भी अन्नदाताओं के लिए बेहद अहम रोल अदा करती है। केसीसी के माध्यम से किसान कम ब्याज दर पर पैसे का आहरण कर सकते हैं और तय समय पर भुगतान कर सकते हैं। किसानों को और अधिक फायदा पहुंचाने के लिए आरबीआई ने केसीसी के कुछ नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है।
KCC Loan Interest Rate भारतीय रिज़र्व बैंक की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि ”विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, यह घोषणा की थी कि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों संबंधी दिशा-निर्देशों को समेकित करते हुए, केसीसी पर संशोधित दिशा-निर्देशों को जारी करने का प्रस्ताव है, ताकि कवरेज का विस्तार, परिचालनगत पहलुओं का सुव्यवस्थापन और आगामी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। तदनुसार, निम्नलिखित मसौदा निदेशों पर जनसामान्य से अभिमत आमंत्रित किए जा रहे हैं।”
- वाणिज्यिक बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
- लघु वित्त बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
- ग्रामीण सहकारी बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
केसीसी योजना में प्रमुख बदलाव
- ऋण स्वीकृति और चुकौती कार्यक्रमों में एकरूपता लाने के लिए, फसल-मौसम को महीनों अर्थात कम अवधि वाली फसल (12 महीने) और दीर्घ अवधि वाली फसल (18 महीने) के संदर्भ में मानकीकृत किया गया है।
- फसल मौसम के साथ, विशेष रूप से लंबी अवधि की फसलों के लिए, ऋण अवधि का उचित सामंजस्य सुनिश्चित करने हेतु, केसीसी की अवधि को 6 वर्ष तक बढ़ाया गया है।
- किसानों को, कृषि की वास्तविक लागत के आधार पर, पर्याप्त ऋण प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए केसीसी के अंतर्गत आहरण सीमा को प्रत्येक फसल-मौसम के वित्त-स्तर के साथ संरेखित किया गया है।
- किसानों को, भूमि परीक्षण, तत्काल मौसम पूर्वानुमान और जैविक/हितकारी कृषि प्रथाओं के प्रमाणन आदि जैसी तकनीकी आवश्यकताओं के लिए वित्त प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु, ऐसे व्यय को, कृषि आस्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए, 20% अतिरिक्त घटक के भीतर पात्र घटकों के रूप में जोड़ा गया है।
RBI ने कमर्शियल बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और ग्रामीण बैंकों के लिए यह गाइडलाइन जारी की है और विनियमित संस्थाओं, किसानों और अन्य हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है। यह प्रतिक्रियाएं 6 मार्च, 2026 को या उससे पहले आरबीआई की वेबसाइट पर ‘कनेक्ट 2 रेगुलेट’ के जरिए या ईमेल से भेजी जा सकती हैं।
ये भी पढ़ें
- Vande Matram Controversy Update: ‘जहां वंदे मातरम जरूरी, वहां से अपने बच्चों को निकाले’.. इमाम का विवादित फरमान, सरकार से की ये बड़ी मांग
- Ladli Behna Yojana 33rd Installment: बस कुछ देर और… लाड़ली बहनों ही नहीं पूरे प्रदेश को एक साथ मिलेंगी कई सौगातें, आपके लिए क्या छुपा है, इस खबर में पढ़िए
- Chhattisgarh Govt Zero Tolerance Policy: भ्रष्टाचार के विरुद्ध अडिग छत्तीसगढ़ की साय सरकार.. ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ हो रही बड़ी कार्रवाइयां..

Facebook


