Chhattisgarh Govt Zero Tolerance Policy: भ्रष्टाचार के विरुद्ध अडिग छत्तीसगढ़ की साय सरकार.. ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ हो रही बड़ी कार्रवाइयां..
Chhattisgarh Govt Zero Tolerance Policy : छत्तीसगढ़ में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शराब, पीएससी, डीएमएफ सहित कई घोटालों में सख्त कार्रवाई।
Chhattisgarh Govt Zero Tolerance Policy || Image- IBC24 News File
- भ्रष्टाचार पर सरकार की बड़ी कार्रवाई
- कई अधिकारियों की गिरफ्तारी और निलंबन
- ईडी, सीबीआई और EOW सक्रिय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार बड़ी कार्रवाइयाँ की हैं। (Chhattisgarh Govt Zero Tolerance Policy) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अमल करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसी क्रम में विभिन्न विभागों में छापे, जांच, निलंबन और गिरफ्तारियों की कार्रवाई की गई है। नीचे पढ़ें भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाइयों के बारें में।
- पीएससी 2021 घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी
- एससी 2021 में हुए कथित घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। इस मामले में चेयरमैन सहित कई अधिकारियों की गिरफ्तारी की गई है।
- 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में कार्रवाई
- वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुए चर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एसीबी की जांच के आधार पर 29 से अधिक आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें आबकारी उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इस प्रकरण में लगभग 88 करोड़ रुपये के अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं।
- मई 2025 में 13 ठिकानों पर छापे
मई 2025 में 13 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 19 लाख रुपये नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा सहित सात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। - मेडिकल सप्लाई घोटाले में छापे
650–660 करोड़ रुपये के मेडिकल सप्लाई घोटाले की जांच में ईडी और एसीबी ने कई स्थानों पर छापे मारे हैं। - भू-अधिग्रहण और भारतमाला परियोजना में जांच
अनुपूर भारतमाला परियोजना और अन्य मामलों में भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच ईडी द्वारा की जा रही है। तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। - स्वास्थ्य विभाग में फर्जी सप्लाई मामला उजागर
रायगढ़ की एक सर्जिकल फर्म द्वारा 48 करोड़ रुपये की फर्जी आपूर्ति का मामला सामने आया है, जबकि वास्तविक खरीद मात्र 10 करोड़ रुपये की बताई गई। जीएसटी विभाग ने कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है। सरकार ने भविष्य में ऐसी गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। - डीएमएफ घोटाला और गिरफ्तारियां
डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) से जुड़े मामले में लगभग 6,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें एक आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। - महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप पर बड़ी कार्रवाई
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में ईडी और सीबीआई द्वारा बड़े पैमाने पर जांच और जब्ती की कार्रवाई जारी है। - तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में गिरफ्तारी
तेंदूपत्ता बोनस घोटाले की जांच में ईओडब्ल्यू और एसीबी ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें डीएफओ सहित चार अधिकारी और नौ समिति प्रबंधक शामिल हैं। - राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा घोटाला
जनवरी 2024 की आरआई भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद पांच सदस्यीय समिति गठित की गई। मामला EOW को सौंपा गया है और विधानसभा में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। - रिश्वत लेते डॉक्टर निलंबित
सक्ति जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार पटेल को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित किया गया है। - पाठ्य पुस्तक निगम में छापा
तिल्दा स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छापे के दौरान 2024–25 सत्र की नई किताबें कबाड़ में बेचने का मामला सामने आया। जांच के बाद महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। - लोक निर्माण और नगरीय निकायों में कार्रवाई
सड़क निर्माण में अनियमितता और गुणवत्ता में कमी को लेकर बीजापुर से रायपुर तक कई अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की गई। रायपुर में मॉपअप मरम्मत कार्य में गड़बड़ी पर पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया। - नगर पालिका और आवास मंडल में भी सख्ती
कोंडागांव नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को गंभीर अनियमितताओं के चलते निलंबित किया गया। वहीं, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल जगदलपुर के दो इंजीनियरों को भी निलंबित किया गया है। - महातारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा
महातारी वंदन योजना का गलत तरीके से लाभ लेने के लिए किए गए फर्जी आवेदन के मामलों में भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राज्य सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
भ्रष्टाचार के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई by satya sahu
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