‘राजा’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं केसीआर, टीआरएस के साथ हमारा कभी समझौता नहीं होगा: राहुल गांधी |

‘राजा’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं केसीआर, टीआरएस के साथ हमारा कभी समझौता नहीं होगा: राहुल गांधी

‘राजा’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं केसीआर, टीआरएस के साथ हमारा कभी समझौता नहीं होगा: राहुल गांधी

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 08:37 PM IST, Published Date : May 6, 2022/9:15 pm IST

वारंगल (तेलंगाना), छह मई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना को शुक्रवार को खारिज किया और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ‘राजा’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं तथा टीआरएस ने राज्य के साथ धोखा एवं चोरी की है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के जो भी नेता टीआरएस के साथ गठबंधन चाहते हैं वे टीआरएस या भाजपा में शामिल हो जाएं तथा अब आगे किसी ने भी चंद्रशेखर राव की पार्टी के साथ समझौते की पैरवी की तो उसे कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

राहुल गांधी ने तेलंगाना के वारंगल में कांग्रेस की जनसभा में यह महत्वपूर्ण बयान ऐसे वक्त दिया जब कुछ हफ्ते पहले राव की ओर से राहुल गांधी के संदर्भ में सकारात्मक टिप्पणी किए जाने और फिर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठक के बाद तेलंगाना में कांग्रेस एवं टीआरएस के बीच गठबंधन की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने उसी समय इसकी संभावना से इनकार किया था।

तेलंगाना में अगले साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है।

राहुल गांधी ने तेलंगाना के किसानों से यह वादा भी किया कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर उनके दो लाख रुपये तक के कर्ज को माफ किया जाएगा और एमएसपी पर उनकी फसल की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह घोषणा नहीं, बल्कि किसानों को कांग्रेस की गारंटी है।

उन्होंने चंद्रशेखर राव पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य बनाने में जो सपना देखा गया था, वो पूरा नहीं हुआ, लेकिन पिछले आठ साल में एक परिवार को फायदा हुआ है।

गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस को मालूम था कि तेलंगाना राज्य बनाने से उसे नुकसान होगा, लेकिन वह राज्य के लोगों के साथ खड़ी रही।

उन्होंने कहा, ‘‘तेलंगाना नया प्रदेश है। यह आसानी से नहीं बना था। इस प्रदेश को बनाने के लिए तेलंगाना के युवाओं, माताओं ने अपने खून और आंसू दिए थे। यह प्रदेश किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बना था। तेलंगाना एक सपना को पूरा करने के लिए बना था।’’

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘‘आठ साल हो गए। मैं पूछना चाहता हूं कि तेलंगाना का जो सपना था, प्रगति का सपना, उसका क्या हुआ? पूरा तेलंगाना देख सकता है कि एक परिवार को बहुत फायदा हुआ। लेकिन तेलंगाना की जनता को क्या फायदा हुआ?’’

गांधी ने मंच पर मौजूद कुछ महिलाओं का हवाला देते हुए कहा, ‘‘आज यहां किसानों की विधवाएं रो रही हैं, ये किसकी जिम्मेदारी है? ऐसी हजारों बहनें हैं जिनके पतियों ने आत्महत्या की। यह किसकी जिम्मेदारी है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘तेलंगाना के सपने को पूरा करने के लिए आपने अपने खून और आंसू दिए। आप लड़े, लेकिन हम भी आपके साथ खड़े थे। कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी जी ने यह काम (तेलंगाना बनाने का) पूरा किया। यह काम कांग्रेस के लिए आसान नहीं था। हमें नुकसान हुआ।’’

राहुल गांधी ने केसीआर का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘तेलंगाना के साथ किसने धोखा किया? किसने हजारों करोड़ रुपये चोरी किए?’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का हर नेता और कार्यकर्ता समझ ले, जान ले कि जिसने तेलंगाना को धोखा दिया, तेलंगाना से चोरी की, तेलंगाना के सपने को नष्ट किया, उसके साथ कांग्रेस पार्टी का कोई समझौता नहीं होगा।’’

गांधी ने कहा कि तेलंगाना के साथ धोखा करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि टीआरएस के साथ समझौते की पैरवी करने वाले कांग्रेस के किसी भी नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

गांधी ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस के किसी नेता को टीआरएस से समझौता करना है तो वह टीआरएस में चला जाए या फिर भाजपा में चला जाए। हमें उस व्यक्ति की कोई जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी विचारधारा की लड़ाई है। हम ‘राजा’ से समझौता नहीं करेंगे। हम चुनाव में टीआरएस को हराएंगे। चुनाव में कांग्रेस और टीआरएस की सीधी लड़ाई होगी।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर समझौता है तो टीआरएस और भाजपा के बीच है। आप याद करिये जब तीन काले कानून नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद में पारित किए थे तो टीआरएस के नेता क्या कह रहे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा जानती है कि वह तेलंगाना में सीधे शासन नहीं कर सकती। उसे तेलंगाना में रिमोट कंट्रोल की जरूरत है। भाजपा जानती है कि कांग्रेस उससे कभी समझौता नहीं कर सकती, इसलिए वह चाहती है कि तेलंगाना में टीआरएस की सरकार बनी रहे।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इस रैली में हमने किसानों की बात की है। अगली रैली में आदिवासियों की बात करेंगे। उनकी लड़ाई लड़ी जाएगी।’’

गांधी ने राज्य की जनता से कांग्रेस को एक मौका देने का आग्रह करते हुए कहा कि सिर्फ उनकी पार्टी ही तेलंगाना के सपने को पूरा कर सकती है।

भाषा हक हक नेत्रपाल

नेत्रपाल