Kejriwal Attack on Congress: केजरीवाल का जोरदार हमला.. पूछा, “मैं जेल गया, क्या राहुल-सोनिया गाँधी जेल गए’.. कांग्रेस बोली, ‘उनका दिमागी संतुलन खराब’

Kejriwal Attack on Rahul and Sonia Gandhi: शराब घोटाला मामले में बरी होने के बाद केजरीवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा, राहुल-सोनिया पर उठाए सवाल।

Kejriwal Attack on Congress: केजरीवाल का जोरदार हमला.. पूछा, “मैं जेल गया, क्या राहुल-सोनिया गाँधी जेल गए’.. कांग्रेस बोली, ‘उनका दिमागी संतुलन खराब’

Kejriwal Attack on Rahul and Sonia Gandhi | Image- IBC24 news File

Modified Date: February 28, 2026 / 02:49 pm IST
Published Date: February 28, 2026 2:49 pm IST
HIGHLIGHTS
  • केजरीवाल का कांग्रेस पर सीधा हमला
  • राहुल-सोनिया पर उठाए जेल सवाल
  • कांग्रेस ने दिया तीखा जवाब

नई दिल्ली: शराब घोटाला मामले में बरी होने के बाद आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित किया। उन्होंने खुद के खिलाफ साजिश का दावा करते हुए भाजपा पर जोरदार निशाना साधा। (Kejriwal Attack on Rahul and Sonia Gandhi) इस बीच उन्होंने मीडिया के सवाल पर कांग्रेस को भी लपेटे में लिया। दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने कहा, “मैं आपसे पूछता हूं कि केजरीवाल जेल गया, क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गया? संजय सिंह जेल गया, क्या राहुल गांधी जेल गया? मनीष सिसोदिया जेल गया, क्या सोनिया गांधी जेल गईं? कांग्रेसी किस मुंह से बात करते हैं, उन्हें शर्म नहीं आती?”

“दिमागी संतुलन खराब” : कांग्रेस

वही केजरीवाल के इस हमले पर कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने कहा कि, केजरीवाल ज्यादा ही भावुक हो गए थे, उनका दिमागी संतुलन ख़राब हो गया है।

केजरीवाल समेत 21 आरोपी बाइज्जत बरी

गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को शराब नीति मामले में बरी कर दिया। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एजेंसी का मामला न्यायिक समीक्षा में पूरी तरह विफल रहा। इस मामले में बरी किए गए अन्य 21 आरोपियों में तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता भी शामिल हैं। अदालत ने सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में राहत दी।

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा, “इस अदालत को यह मानने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि रिकॉर्ड में रखी गई जानकारी से किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया भी कोई मामला नहीं बनता और न ही कोई गंभीर संदेह है। इसलिए आरोपी संख्या 1 से 23 को उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी किया जाता है।”

सीबीआई आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही थी। एजेंसी ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले के खिलाफ तत्काल दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर करेगी। (Kejriwal Attack on Rahul and Sonia Gandhi) सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की या तो अनदेखी की गई या उन्हें उचित तरीके से परखा नहीं गया। वहीं अदालत ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि जांच पूर्व निर्धारित दिशा में आगे बढ़ी, जिसमें नीति निर्माण या कार्यान्वयन से जुड़े लगभग हर व्यक्ति को आरोपित कर एक कमजोर कहानी को विश्वसनीयता देने की कोशिश की गई।

भावुक हुए अरविंद केजरीवाल

न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इन आरोपों को गोवा विधानसभा चुनावों से जोड़ना कानूनी तथ्यों से अधिक धारणाओं पर आधारित है। उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार नीति विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई थी। फैसला सुनाए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास की “सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” था। उन्होंने कहा कि अदालत ने साबित कर दिया है कि वे, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी “कट्टर ईमानदार” हैं।

इस मामले में केजरीवाल करीब छह महीने जेल में रहे, जबकि सिसोदिया लगभग डेढ़ वर्ष तक कारावास में रहे। (Kejriwal Attack on Rahul and Sonia Gandhi) अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों से स्पष्ट है कि नीति निर्माण की प्रक्रिया पारदर्शी थी और उपराज्यपाल से सुझाव लेने की कोई कानूनी बाध्यता न होने के बावजूद सुझाव मांगे गए, उन पर विचार किया गया और उन्हें शामिल भी किया गया। अदालत ने यह भी कहा कि स्वीकार्य साक्ष्यों के अभाव में किसी आरोपी को आपराधिक मुकदमे की कठिनाइयों से गुजरने के लिए बाध्य करना न्यायोचित नहीं है।

कौन हैं केजरीवाल पर बड़ा फैसला देने वाले जज?

आबकारी नीति मामले में शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालआम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त करने वाले विशेष न्यायाधीश जितेंद्र प्रताप सिंह पहले भी कई अहम मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। (Kejriwal Attack on Rahul and Sonia Gandhi)  इनमें कांग्रेस नेता भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ एम.एफ. हुसैन की पेंटिंग से जुड़े मामले को दोबारा खोलने का निर्णय भी शामिल है। उन्होंने उस मजिस्ट्रेट आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ अभियोजन की मांग वाली शिकायत खारिज कर दी गई थी।

दिल्ली विश्वविद्यालय से हासिल की है कानून की डिग्री

जितेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) सहित संघीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने वाले भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल करने वाले सिंह को अक्टूबर 2024 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें खास पहचान दिलाई है। उन्होंने चुनावों के दौरान दिए गए कथित सांप्रदायिक बयानों से जुड़े मामलों में भी याचिकाएं खारिज की हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा से संबंधित मामला भी शामिल है।

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