केजरीवाल की अचानक शुरू हुई ‘मंदिर राजनीति’ उनके चुनावी अवसरवाद को दिखाती है: पंजाब भाजपा अध्यक्ष

केजरीवाल की अचानक शुरू हुई ‘मंदिर राजनीति’ उनके चुनावी अवसरवाद को दिखाती है: पंजाब भाजपा अध्यक्ष

केजरीवाल की अचानक शुरू हुई ‘मंदिर राजनीति’ उनके चुनावी अवसरवाद को दिखाती है: पंजाब भाजपा अध्यक्ष
Modified Date: July 8, 2026 / 01:37 pm IST
Published Date: July 8, 2026 1:37 pm IST

चंडीगढ़, आठ जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर ‘‘मंदिर की राजनीति’’ करने और ‘‘चुनाव के समय हिंदुत्व’’ का दिखावा करने का आरोप लगाया।

ढिल्लों ने कहा कि सनातन धर्म और मंदिरों पर केजरीवाल की हालिया टिप्पणियां राज्य विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी फायदे के लिए की गई हैं।

यहां जारी एक बयान में ढिल्लों ने आरोप लगाया कि केजरीवाल, जिन्होंने कभी अयोध्या में राम मंदिर के बजाय अस्पताल बनाने की वकालत की थी, अब पंजाब में मंदिर बनाने की बात करने के मामले में भरोसेमंद नहीं कहे जा सकते।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने हाल में कहा था कि उनकी पार्टी ‘‘सच्ची सनातनी’’ है और उसने सनातन मूल्यों के प्रति सच्ची निष्ठा से काम किया है, वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक फायदे के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया है।

पिछले महीने पंजाब दौरे के दौरान केजरीवाल ने घोषणा की थी कि अमृतसर में लव, कुश और माता जानकी को समर्पित एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा। पंजाब में केजरीवाल की अगुवाई वाली आप की सरकार है।

ढिल्लों ने कहा, ‘‘केजरीवाल की अचानक शुरू हुई मंदिर की राजनीति उनके चुनावी अवसरवाद को उजागर करती है। उनकी हालिया टिप्पणियां केवल वोट जीतने के मकसद से चुनाव के समय हिंदुत्व के दिखावे के अलावा और कुछ नहीं हैं।’’

अयोध्या में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र करते हुए ढिल्लों ने आरोप लगाया कि जहां पूरा देश इस कार्यक्रम में शामिल हुआ, वहीं केजरीवाल इससे दूर रहे और इसके बजाय दिल्ली में ‘‘राजनीति से प्रेरित सुंदरकांड पाठ’’ का आयोजन किया।

उन्होंने कहा कि पंजाब दौरे के दौरान केजरीवाल का बार-बार हिंदू धर्म और मंदिरों का जिक्र करना पूरी तरह से चुनावी फायदे के लिए है और आप प्रमुख का राजनीतिक रिकॉर्ड दिखाता है कि सनातन धर्म और मंदिरों को केवल चुनावी फायदे के साधन के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।

हिंदू धर्मग्रंथों के बारे में केजरीवाल की समझ पर सवाल उठाते हुए पंजाब भाजपा प्रमुख ने कहा कि ‘‘जो नेता जनवरी 2025 में रावण के बारे में विवादास्पद टिप्पणियों के लिए आलोचना का शिकार हुआ था, वह अब पंजाब में धर्म पर उपदेश देने की कोशिश कर रहा है’’।

उन्होंने कहा, ‘‘जिसे रामायण की बुनियादी समझ भी नहीं है, वह पंजाब के लोगों को प्रामाणिक तरीके से धर्म का उपदेश नहीं दे सकता।’’

भाजपा ने पिछले साल केजरीवाल पर रामायण का गलत हवाला देने और भगवान राम व सीता का ‘‘अपमान’’ करने का आरोप लगाया था।

ढिल्लों ने केजरीवाल को यह बताने की चुनौती भी दी कि दिल्ली में दस वर्षों के शासन के दौरान उनकी सरकार ने किसी एक भी बड़े मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्थान के विकास के लिए क्या किया है।

पंजाब में आप सरकार पर निशाना साधते हुए ढिल्लों ने कहा कि जिन लोगों ने पिछले साढ़े चार सालों में ‘‘पंजाब को लूटा’’ है, उनके पास धर्म के बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

ढिल्लों ने दावा किया कि दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद केजरीवाल पंजाब में अपनी राजनीतिक किस्मत को फिर से संवारने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की जनता चुनावी फायदे के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल नहीं होने देगी।

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में