केरल : कोल्लम सीट पर महिला उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के बीच बिंदु कृष्णा के लिए चुनाव बेहद खास

केरल : कोल्लम सीट पर महिला उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के बीच बिंदु कृष्णा के लिए चुनाव बेहद खास

केरल : कोल्लम सीट पर महिला उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के बीच बिंदु कृष्णा के लिए चुनाव बेहद खास
Modified Date: March 19, 2026 / 12:01 pm IST
Published Date: March 19, 2026 12:01 pm IST

(लक्ष्मी गोपालकृष्णन)

कोल्लम (केरल), 19 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता बिंदु कृष्णा के लिए केरल के कोल्लम विधानसभा सीट पर आगामी नौ अप्रैल को होने वाला चुनाव विशेष महत्व रखता हैं।

बिंदु कृष्णा के लिए यह सिर्फ एक और चुनाव नहीं है, बल्कि एक ऐसा पल भी है जो पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही मांग को उजागर करता है।

उनका कहना है कि कांग्रेस ने आखिरकार महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में एक कदम आगे बढ़ाया है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा एक सम्मेलन में महिलाओं और युवा नेताओं को तरजीह देने की बात कहने के वर्षों बाद पार्टी ने पहली बार अपने 55 उम्मीदवारों की पहली सूची में आठ महिला उम्मीदवारों को मैदान पर उतारा है।

पार्टी ने मंगलवार को 55 उम्मीदवारों की घोषणा की।

‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए कृष्णा ने आलाकमान के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच में एक सुखद और सकारात्मक बात है।’’

महिला कांग्रेस की राज्य इकाई की पूर्व अध्यक्ष कृष्णा यहां केरल में कांग्रेस पार्टी के इतिहास में जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) की अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालने वाली दूसरी महिला थीं।

बिंदु कृष्णा (53) जमीनी स्तर की नेता के रूप में प्रतिष्ठा रखती हैं और 2021 के विधानसभा चुनावों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मौजूदा विधायक मुकेश से हारने के बाद वह एक बार फिर कोल्लम क्षेत्र से चुनावी मैदान में हैं।

राज्य में कांग्रेस पार्टी की महिला शाखा, महिला कांग्रेस का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण दौर में दक्षिणी कोल्लम जिले की जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।

वह 2021 के विधानसभा चुनावों में 2,072 वोट के मामूली अंतर से हारी थी और इसी तथ्य ने उनके वर्तमान चुनावी अभियान में जीत की आशा बढ़ा दी है।

पिछले पांच वर्षों में कृष्णा कोल्लम में सक्रिय रहीं और पार्टी कार्यक्रमों के बीच अपनी मौजूदगी बनाए रखने में भी सफल रहीं हैं।

महिला नेता ने अपनी व्यस्त जनसभाओं के बीच बात करते हुए कहा कि पिछली बार चुनाव में जीत से ‘‘बाल-बाल’’ चूक गई थी, लेकिन आगामी चुनाव में उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘चुनावी हार के बावजूद मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी रही हूं। इसलिए इस बार मेरा आत्मविश्वास अधिक है।’’

संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) कृष्णा की उम्मीदवारी को उस निर्वाचन क्षेत्र में खोए हुए रण को वापस पाने के प्रयास के रूप में देख रहा है जहां अक्सर मुकाबले बहुत करीबी होते रहे हैं।

सत्ताधारी माकपा ने जमीनी स्तर से जुड़े अपने चेहरे एस. जयमोहन को इस सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए मैदान में उतारा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अब तक इस सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा


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