तिरुवनंतपुरम, 23 जून (भाषा) केरल विधानसभा में कार्य स्थगन कर कम अल्कोहल वाले मादक पेयों पर कर में कटौती के मुद्दे पर चर्चा की मांग को अनुमति नहीं दिए जाने के विरोध में विपक्षी माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने मंगलवार को सदन में हंगामा किया और वाकआउट किया।
विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनरायी विजयन ने यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि कम अल्कोहल वाले पेयों पर कर में 131 प्रतिशत की कटौती कर्नाटक की एक निजी कंपनी ‘बकार्डी’ को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘अन्यथा इतनी बड़ी कर कटौती की आवश्यकता क्या थी? इससे राज्य में कम अल्कोहल वाले पेय शीतल पेयों की तरह आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। इससे युवाओं के बीच शराब की खपत बढ़ेगी।’’
कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए वरिष्ठ माकपा नेता के. एन. बालगोपाल ने आरोप लगाया कि यह कदम केरल में शराब की उपलब्धता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष थिरुवंचूर राधाकृष्णन ने यह कहते हुए कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि बजट पर चर्चा बुधवार तक पूरी की जानी है और विपक्ष इस मुद्दे को उसी दौरान उठा सकता है।
अध्यक्ष के फैसले से असंतुष्ट एलडीएफ के कई विधायक आसन के समक्ष आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कर कटौती का फैसला एक विशेष निजी शराब कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया है।
सरकार की आबकारी नीति पर सवाल उठाने और नारेबाजी करने के बाद विपक्षी सदस्य सदन से वाकआउट कर गए।
इसके बाद मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सदन में कहा कि अध्यक्ष द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद विपक्ष केवल वाकआउट भाषण दे सकता था, लेकिन कार्य स्थगन प्रस्ताव को पूरा पढ़ना नियमों के अनुरूप नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता ने स्थगन प्रस्ताव की पूरी सामग्री पढ़ दी।’’ उन्होंने इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की।
अध्यक्ष राधाकृष्णन ने कहा कि वह मामले की जांच करेंगे और उसके बाद उचित निर्णय लेंगे।
राज्य के बजट में कम अल्कोहल वाले पेयों पर कर 251 प्रतिशत से घटाकर 120 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है।
सरकार के इस फैसले की विभिन्न वर्गों ने भी आलोचना की है। विपक्षी माकपा पिछले सप्ताह से आरोप लगा रही है कि यह कदम शराब कंपनियों को लाभ पहुंचाने और भ्रष्टाचार का रास्ता खोलने के उद्देश्य से उठाया गया है।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव