लखनऊ, 23 जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने मंगलवार को लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर निशाना साधा।
संजय सिंह ने दोनों मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ‘‘एसआईटी का झुनझुना’’ थमाकर मामले की लीपा-पोती कर रही है।
सरकार ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े दान में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए 13 जून को लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी।
वहीं, लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत के मामले में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रवीण तिवारी की दो सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। संजय सिंह ने अलीगंज अग्निकांड में हुई मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस कंप्यूटर संस्थान की इमारत में आग लगी, उसे ध्वस्त करने का आदेश वर्ष 2016 में ही हो चुका था। पिछले 10 साल में से साढ़े नौ साल प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार रही है। इसके बावजूद यह अवैध और जर्जर इमारत कैसे खड़ी रही और किसके संरक्षण में संचालित हो रही थी, इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।’’
आप नेता ने कहा कि दिल्ली से लेकर लखनऊ तक अग्निकांड के बाद केवल जांच की घोषणा की जाती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। संजय सिंह ने बताया कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 25 जून को लखनऊ पहुंचेंगे और उसी रात अयोध्या जाएंगे।
उन्होंने बताया कि केजरीवाल 26 जून को सुबह रामलला के दर्शन करेंगे, हनुमानगढ़ी में आरती में शामिल होंगे और संतों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करेंगे।
संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट और भाजपा नेताओं पर करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रभु श्री राम के मंदिर में यह कोई सामान्य चोरी का मामला नहीं है।’’
सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘‘15 दिन इंतजार करने और एसआईटी को साक्ष्य सौंपने’’ संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने 20 जून को एसआईटी अध्यक्ष विजय विश्वास पंत, सदस्य किरण (आईजी, लखनऊ रेंज) को पत्र और आधिकारिक ई-मेल भेजकर जमीन से जुड़े कथित मामलों के साक्ष्य सौंपने के लिए समय मांगा था लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह एसआईटी न राम के लिए है, न काम के लिए, यह केवल आरोपियों को बचाने के लिए बनाई गई है।’’
भाषा आनन्द मनीष जितेंद्र
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