केरल भाजपा ने राज्य का नाम बदलने का समर्थन किया; प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा

केरल भाजपा ने राज्य का नाम बदलने का समर्थन किया; प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा

केरल भाजपा ने राज्य का नाम बदलने का समर्थन किया; प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा
Modified Date: January 13, 2026 / 02:52 pm IST
Published Date: January 13, 2026 2:52 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 13 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार द्वारा राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के कदम का समर्थन किया है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पत्र भेजकर इस मामले में पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया।

उन्होंने कहा कि नाम बदलने से उन चरमपंथी ताकतों के प्रयासों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी जो धर्म के आधार पर राज्य को अलग-अलग जिलों में विभाजित करने की मांग कर रही हैं।

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प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में चंद्रशेखर ने बताया कि राज्य विधानसभा ने आधिकारिक अभिलेखों में राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव पारित किया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा भाषाई संस्कृति और परंपराओं की रक्षा और सम्मान पर आधारित है और पार्टी ने हमेशा राज्य को ‘केरलम’ के रूप में देखा है जो हजारों वर्षों की परंपरा, विरासत और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है।

चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा, ‘हम आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि आप हस्तक्षेप करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे राज्य का नाम मलयालम मूल का नाम (केरलम) रखा जाए।’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में इसी रुख को दोहराया और एक ‘विकसित और सुरक्षित केरल’ के निर्माण की उम्मीद जताई, जहां विभिन्न धार्मिक मान्यताओं के साथ रहने वाले सभी मलयाली लोगों की आस्था की रक्षा और सम्मान किया जाता है।

राज्य विधानसभा में भाजपा का कोई सदस्य नहीं है।

भाषा नोमान नरेश

नरेश


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