केरल के मुख्यमंत्री ने व्यापक मानसून राहत पैकेज की घोषणा की

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केरल के मुख्यमंत्री ने व्यापक मानसून राहत पैकेज की घोषणा की

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 03:07 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 03:07 PM IST

तिरुवनंतपुरम, पांच अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मानसून से प्रभावित परिवारों के लिए बुधवार को कई राहत उपायों की घोषणा की। इनमें वर्षा से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों, मकान और संपत्ति खोने वाले लोगों के लिए बढ़ा हुआ मुआवजा भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए आसान ऋण योजना एवं बाढ़ प्रभावित परिवारों को वित्तीय मदद की भी घोषणा की।

तिरुवनंतपुरम में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सतीशन ने कहा कि मानसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक 26 लोगों की मौत हुई है जबकि 11 लोग घायल हुए हैं तथा चार लोग अब भी लापता हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य भर में वर्तमान में 462 राहत शिविर संचालित हो रहे हैं जिनमें भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से विस्थापित हुए 27,048 लोगों को आश्रय दिया गया है।

सबसे अधिक राहत शिविर पत्तनमथिट्ठा (157) में हैं। इसके बाद कोट्टायम (154) और अलप्पुझा (81) का स्थान आता है, जबकि शेष जिलों में प्रत्येक में करीब 10 राहत शिविर हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 1,882 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचा है जिससे 23,537 किसान प्रभावित हुए हैं। खेती के नुकसान का शुरुआती अनुमान 67.44 करोड़ रुपये है और अंतिम आकलन के बाद इस आंकड़े के बढ़ने की उम्मीद है।

सतीशन ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने आपदा में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए आठ-आठ लाख रुपये के मुआवजा पैकेज को मंजूरी दी है। इस राशि में राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) से चार लाख रुपये, मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमडीआरएफ) से दो लाख रुपये एवं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो लाख रुपये शामिल हैं।’’

इसके अलावा, सरकार ने हर मृतक के परिवार को अंतिम संस्कार के खर्च के लिए 10-10 हजार रुपये मंजूर किए हैं।

उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान या दुकानें बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, उनमें से प्रत्येक को नुकसान की पुष्टि होने के बाद 10-10 हजार रुपये मिलेंगे, चाहे वे राहत शिविरों में रहे हों या नहीं।

सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों में राशन कार्ड के तहत आने वाले अधिक से अधिक दो सदस्यों को दैनिक आधार पर 300 रुपये की मदद देने का भी फैसला किया है।

बाढ़ की वजह से जिन परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा और जो तुरंत वापस नहीं लौट सकते, उन्हें घर का किराया भरने के लिए मदद दी जाएगी। यह मदद तब तक मिलेगी जब तक उनके घर रहने लायक न हो जाएं या उनके रहने के लिए कोई कोई वैकल्पिक व्ववस्था न हो जाए।

पूरी तरह से नष्ट हो चुके मकानों के लिए मुआवजा चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दिया गया है।

भूस्खलन वाले क्षेत्रों में जिन परिवारों ने अपना मकान और जमीन दोनों खो दिया है और जहां दोबारा निर्माण करना संभव नहीं है, उन्हें दी जाने वाली आर्थिक मदद 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है।

मंत्रिमंडल ने फसल के नुकसान के लिए मुआवजे को 25 प्रतिशत बढ़ाने का भी फैसला किया है और इस अतिरिक्त राशि का बोझ राज्य सरकार उठाएगी।

आर्थिक सुधार को बढ़ावा देने के लिए, सरकार एमएसएमई के लिए एक आसान ऋण योजना शुरू करेगी, जिसके तहत तीन रियायती विकल्पों के माध्यम से 12 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

पहले विकल्प में सरकार बैंकों को तीन लाख रुपये तक या कर्ज की राशि का 25 प्रतिशत प्रारंभिक अंशदान के तौर पर देगी।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश