तिरुवनंतपुरम, पांच अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बुधवार को कहा कि ‘पुनर्जनी’ बाढ़ पुनर्वास परियोजना के मामले में सतर्कता विभाग ने उन्हें ‘क्लीन चिट’ दे दी थी, लेकिन तत्कालीन वाममोर्चा सरकार ने रिपोर्ट को दबाए रखा, ताकि यह भ्रम पैदा किया जा सके कि उनके खिलाफ जांच जारी है।
सतीशन ने कहा कि 2024 में सतर्कता विभाग के दो अलग-अलग निदेशकों ने अलग-अलग रिपोर्ट दी और कहा कि उनके खिलाफ़ विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन या भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत किसी अपराध का कोई सबूत नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि तत्कालीन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने उन रिपोर्ट को दबाए रखा और यहां तक कि यह भी घोषणा कर दी कि इस मामले की सीबीआई जांच होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन उसने सीबीआई जांच की मांग नहीं करने का फैसला किया, क्योंकि उसे कानूनी सलाह मिली कि सीबीआई जांच टिक नहीं पाएगी। उसने सतर्कता रिपोर्ट को दबाए रखा, ताकि यह भ्रम बना रहे कि मेरे खिलाफ जांच जारी है, और विधानसभा चुनाव के दौरान इसे चुनाव प्रचार का मुद्दा भी बनाया गया।’’
राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 30 जुलाई को कहा था कि सतर्कता जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे सतीशन का संबंध विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन या परियोजना में किसी अन्य अनियमितता से स्थापित हो।
यह परियोजना मुख्यमंत्री के परावुर निर्वाचन क्षेत्र में 2018 की बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए शुरू की गयी थी।
इस साल जनवरी में, पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार के तहत सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उसने उन पर ‘पुनर्जनी’ पुनर्वास परियोजना के लिए विदेशी धन जुटाने में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
सतर्कता रिपोर्ट में कहा गया था कि सतीशन ने केंद्र से निजी यात्रा की अनुमति लेकर विदेश यात्रा की और वहां धन इकट्ठा किया, जिसे बाद में केरल के खातों में अंतरित कर दिया गया।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप