छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), पांच अगस्त (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा कि युवाओं का आंदोलन संस्थागत जवाबदेही की मांग के लिए एक ‘‘दबाव समूह’’ के रूप में काम करेगा।
दीपके ने महाराष्ट्र के अपने गृहनगर छत्रपति संभाजीनगर में कॉजपा की कोर टीम की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कॉजपा के सदस्य झारखंड जाएंगे और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों का समर्थन करेंगे, जो 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
दीपके ने कहा, ‘‘लोगों का न्यायपालिका, राजनीति, मीडिया और निर्वाचन आयोग से भरोसा उठ गया है। हमारे आंदोलन को देशभर से समर्थन मिला। जैसे-जैसे आंदोलन बढ़ा, यह केवल शिक्षा के मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इन संस्थानों से भी जुड़ गया। इसलिए इन संस्थानों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक जन दबाव समूह की जरूरत है।’’
झारखंड में बड़ी संख्या में नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
झारखंड में प्रदर्शन को समर्थन देने के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से झारखंड जाएंगे, हम उनके साथ खड़े रहेंगे और आंदोलन में उनकी हर मांग का समर्थन करेंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या कॉजपा राजनीति में प्रवेश करेगा, दीपके ने कहा कि मीडिया इस कॉजपा से अधिक उत्साहित नजर आ रहा है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीतिक दलों की स्थिति ‘‘बहुत खराब’’ है। लोग सुबह एक पक्ष को वोट देते हैं, लेकिन शाम तक किसी और की सरकार बन जाती है।
दीपके ने कहा, ‘‘फिलहाल कॉजपा एक दबाव समूह के रूप में काम करेगा, क्योंकि अभी भारत को एक दबाव समूह की जरूरत है।’’
कॉजपा की कोर टीम की बैठक के बारे में दीपके ने कहा, ‘‘नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को देशभर में प्रतिक्रिया मिली। हम पर जिम्मेदारी बढ़ गई है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। इस बैठक में हम तय करेंगे कि संगठन को किस तरह आगे बढ़ना चाहिए और भविष्य के लिए एक प्रारंभिक रूपरेखा तैयार करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि बैठक में मीडिया और न्यायपालिका जैसे संस्थानों में घटते जनविश्वास पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एथनॉल मिश्रित ईंधन और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पर्यावरणविद और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक उनके मार्गदर्शक बने रहेंगे और संगठन उनसे सलाह लेता रहेगा।
दास ने कहा कि वे हाल के राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ कॉजपा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं।’’
दास ने यह भी कहा कि वे देशभर में हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहे हैं।
कॉजपा की कोर टीम की बैठक बाद में शुरू हुई और यह बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी। दीपके ने कहा, ‘‘हम कल फैसलों के बारे में जानकारी देंगे।’’
बैठक में दीपके और दास के अलावा कॉजपा के प्रतिनिधि आशुतोष रांका, रत्ना सिंह और अन्य लोग शामिल हो रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन 25 जुलाई को समाप्त हुआ था। हजारों छात्र कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से बड़े पैमाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के खिलाफ 26 दिन के अनशन के दौरान वांगचुक के साथ मिलकर, जन आक्रोश व्यक्त किया था।
दीपके जून में अमेरिका से भारत लौटे थे और उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। इस आंदोलन में देश के विभिन्न हिस्सों से युवा दिल्ली पहुंचे थे और सुधारों तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
इस आंदोलन को देशभर में जेन-जेड से व्यापक समर्थन मिला और इसके बाद पिछले सप्ताह प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।
कॉजपा का आंदोलन देश के कई शहरों तक फैल गया, लेकिन कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बिहार में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की और उनके खिलाफ मामले दर्ज किये।
भाषा अमित नरेश
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