केरल के मुख्यमंत्री ने सलीम कुमार को श्रद्धांजलि दी, दशकों पुराने संबंधों को याद किया

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केरल के मुख्यमंत्री ने सलीम कुमार को श्रद्धांजलि दी, दशकों पुराने संबंधों को याद किया

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  • Publish Date - June 7, 2026 / 04:44 PM IST,
    Updated On - June 7, 2026 / 04:44 PM IST

कोच्चि, सात जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार को रविवार को श्रद्धांजलि दी, जिनका निमोनिया से जुड़ी जटिलताओं के कारण निधन हो गया।

सतीशन और कुमार के बीच घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध थे। मुख्यमंत्री ने उत्तर परवूर टाउन हॉल में कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।

मुख्यमंत्री ने बाद में अभिनेता के परिजनों से मुलाकात की और उनसे बातचीत भी की। सतीशन ने पत्रकारों से कहा कि कुमार के पास हास्य की एक अनोखी समझ थी, जो केरल के लोगों को कठिन और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी राहत प्रदान करती थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मलयालियों के लिए सलीम कुमार हमेशा घरों और पारिवारिक समारोहों में एक परिचित चेहरा रहे, जो खुशी और हंसी लेकर आते थे। लेकिन उन्होंने साबित किया कि वे केवल कॉमेडी अभिनेता नहीं थे। ‘आदमिंटे मकन अबू’ के जरिए उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा दिखाई, राष्ट्रीय पुरस्कार जीता और हम सभी को गर्व महसूस कराया।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में लगभग हर लोकप्रिय हास्य पोस्ट और मीम में सलीम कुमार की कॉमेडी की छाप दिखाई देती है।

उन्होंने कहा, ‘‘मलयालियों के लिए हास्य का अर्थ पहले की पीढ़ी में आडूर भासी और बहादूर जैसे कलाकार थे तथा आधुनिक युग में सलीम कुमार ने उस विरासत को आगे बढ़ाया।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सलीम कुमार का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया है जो मेरे लिए भाई जैसा था। जब मैं पहली बार परवूर आया और चुनाव लड़ना शुरू किया, तब से मेरा और उनके परिवार का गहरा संबंध रहा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं चुनाव लड़ता था, वह अपनी शूटिंग तक रद्द कर मेरे साथ नामांकन दाखिल करने से लेकर परिणाम आने तक रहते थे। उसके बाद वह कुछ भी मांगने नहीं आते थे। बल्कि मुझे ही उन्हें बुलाना पड़ता था।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि कुमार ने उनके हर चुनाव में चुनाव समिति कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, ‘‘वह कहते थे कि यह उनका अधिकार है। मैं उनसे कहता था कि मैं किसी और को नहीं बुलाऊंगा, सिर्फ सलीम कुमार ही इसका उद्घाटन करेंगे।’’

सतीशन ने कहा कि कुमार अपने राजनीतिक विचारों के प्रति जीवनभर दृढ़ रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘कितनी भी कठिन परिस्थितियां रही हों, उन्होंने कभी अपने राजनीतिक विचारों से समझौता नहीं किया। मैं अपने मित्र पर गर्व करता हूं। छात्र जीवन से लेकर अंतिम सांस तक वह अपने राजनीतिक आदर्शों और कांग्रेस विचारधारा के प्रति समर्पित रहे।’’

मुख्यमंत्री ने याद किया कि कुमार के साथ उनका अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम वह नागरिक सम्मान था जो उत्तर परवूर में उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद दिया गया था।

सतीशन ने कहा कि वह औपचारिक रूप से शोक व्यक्त नहीं कर रहे हैं क्योंकि वह स्वयं खुद को उस परिवार का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस परिवार का सदस्य हूं। मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा और हम सभी उनके साथ खड़े रहेंगे। इस समय मैं यहां मौजूद सभी लोगों और आम जनता की तरह ही शोक और दुख साझा करता हूं।’’

इस बीच, बड़ी संख्या में लोग, जिनमें फिल्म जगत और राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे, उत्तर परवूर टाउन हॉल पहुंचे और अभिनेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी।

वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी ने कहा कि यद्यपि कुमार कांग्रेस से जुड़े थे, फिर भी वे अपने राजनीतिक विचार खुलकर व्यक्त करने से नहीं हिचकते थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच बहुत घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध थे। वह चुनाव के दौरान कांग्रेस के लिए प्रचार करने कोल्लम जिले तक गए थे। वह कहते थे कि वह कहीं भी कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे, लेकिन मेरे खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे।’’

कुमार को एक असाधारण प्रतिभा बताते हुए बेबी ने कहा, ‘‘उनका जाना कला जगत, फिल्म उद्योग और हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है।’’

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल