केरलः त्रिशूर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में आठ लोगों की मौत, कई घायल

केरलः त्रिशूर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में आठ लोगों की मौत, कई घायल

केरलः त्रिशूर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में आठ लोगों की मौत, कई घायल
Modified Date: April 21, 2026 / 07:21 pm IST
Published Date: April 21, 2026 7:21 pm IST

त्रिशूर, 21 अप्रैल (भाषा) केरल में त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोड में मंगलवार को पटाखा बनाने वाली एक इकाई में विस्फोट होने से आठ लोगों की मौत हो गई और कई लोग झुलस गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के समय घटनास्थल पर करीब 40 लोगों के मौजूद होने की आशंका है। हादसे में कई लोग झुलस गए और इनमें से कई की हालत गंभीर है। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा एक ‘शेड’ में हुआ जहां मंदिर देवस्वओम की ओर से त्रिशूर पूरम पर्व के लिए पटाखें तैयार किए जा रहे थे। त्रिशूर पूरम पर्व 26 अप्रैल को है।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की है। केएसडीएमए के अनुसार पांच शव बरामद किए गए हैं और तीन अन्य के शरीर के अंग घटनास्थल से मिले हैं।

टेलीविजन फुटेज में स्थानीय लोगों को राहत और बचाव कार्य में मदद करते हुए देखा गया।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने बचाव और राहत कार्यों को समन्वित तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मुख्य सचिव से बात कर यह निर्देश दिया कि यदि आवश्यकता हो, तो गंभीर रूप से झुलसे लोगों के इलाज के लिए राज्य के बाहर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी मदद ली जाए।

बयान में कहा गया कि बचाव कार्यों के लिए पुलिस, अग्निशमन एवं बचाव सेवा, स्वास्थ्य, राजस्व व आपदा प्रबंधन सहित सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए एक विशेष तंत्र भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने लोगों की मौत पर शोक भी जताया।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को विशेष उपचार उपलब्ध कराया जाए और त्रिशूर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज व त्रिशूर सामान्य अस्पताल में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

उन्होंने आपातकालीन प्रतिक्रिया और मरीजों के परिवहन के लिए अतिरिक्त एंबुलेंस, जिनमें ‘कनिव 108’ सेवा की एंबुलेंस भी शामिल हैं, तैनात करने के भी निर्देश दिए।

स्थानीय लोगों के अनुसार, विस्फोट अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हुआ और इसके बाद इलाके में रुक-रुक कर हुए धमाकों के कारण बचाव कार्य में काफी बाधा आई।

धान के खेत के बीच एक सुनसान जगह पर निर्मित कई अस्थायी ‘शेड’ में पटाखें बनाए जा रहे थे।

घटना स्थल पर पहुंचे एक अधिकारी ने बताया कि वहां लगभग 40 श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि हादसे के समय कम से कम इतने लोग वहां मौजूद रहे होंगे। यह माना जा रहा है कि कुछ कर्मचारी मामूली जख्मों के साथ सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे।

वडाकनचेरी नगर पालिका के अध्यक्ष पी. एन. सुरेंद्रन ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि धमाके अभी भी जारी हैं, जिसके कारण लोग उस क्षेत्र के करीब नहीं जा पा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

त्रिशूर के जिलाधिकारी ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

एक बयान के अनुसार, त्रिशूर के उप जिलाधिकारी को विस्फोट के कारणों और उसके बाद हुए नुकसान की विस्तृत जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाषा

प्रचेता पवनेश

पवनेश


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