केरलमः वनमंत्री ने पेड काटने को लेकर किसान के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने के आदेश दिए
केरलमः वनमंत्री ने पेड काटने को लेकर किसान के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने के आदेश दिए
इडुक्की (केरलम), नौ सितंबर (भाषा) वन विभाग द्वारा किसानों के खिलाफ अपनी जमीन पर उगाए गए पेड़ों को काटने के लिए प्राथमिकी दर्ज किए जाने की शिकायतों के बीच, केरलम के वन मंत्री शिबू बेबी जॉन ने इडुक्की जिले के एक किसान के खिलाफ मामला वापस लेने का आदेश दिया है। उक्त किसान के खिलाफ उसकी स्वामित्व वाली जमीन पर उगाए गए चार पेड़ों को काटने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वन विभाग ने इडुक्की के पांडीप्पारा निवासी चिराथलायट चाकोचन के खिलाफ अपनी थंकामणि पांडीप्पारा स्थित जमीन से कटहल के दो, आम का एक और ‘पाथिरी’ का एक पेड़ काटने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
यह मामला अय्यप्पनकोविल रेंज के अंतर्गत कंचियार वन स्टेशन के कट्टाप्पना अनुभाग कार्यालय में दर्ज किया गया था। विभाग ने इसमें 4,000 रुपये के नुकसान का आकलन किया था और 15,607 रुपये मूल्य की लकड़ी तथा 2,200 रुपये के उपकरण जब्त किए थे।
मामला संज्ञान में आने के बाद मंत्री जॉन ने इसकी जांच की और अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद उन्होंने तुरंत मामला वापस लेने के निर्देश दिए और जब्त की गई लकड़ी तथा औजारों को मालिक को लौटाने का आदेश दिया।
विशेष भूमि आवंटन नियम, 1993 के तहत वन विभाग 1986 के वृक्ष संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत तभी कार्रवाई कर सकता है जब नियमों के तहत आवंटित भूमि से कुछ निर्दिष्ट प्रजातियों के पेड़ काटे जाएं।
इस कानून के तहत शामिल 10 विशिष्ट प्रजातियां हैं – चंदन, सागौन, ईट्टी, इरुल, थेमपावू, कंपकम, चेमबकम, चडाची, चंदना वेंबू और चीणी।
मंत्री का यह हस्तक्षेप उन शिकायतों के बाद सामने आया है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि वन विभाग किसानों को अपनी ही भूमि पर उगाए गए कटहल, आम, अंजीली और काजू जैसे पेड़ों को काटने से रोक रहा था और ऐसा करने पर उनके खिलाफ मामले दर्ज कर रहा है।
भाषा सुमित पवनेश
पवनेश

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