केरल सरकार का आरआरटीएस ‘मूर्खतापूर्ण उपक्रम’, चुनावी हथकंडा : ‘मेट्रोमैन’ ई. श्रीधरन

केरल सरकार का आरआरटीएस ‘मूर्खतापूर्ण उपक्रम’, चुनावी हथकंडा : ‘मेट्रोमैन’ ई. श्रीधरन

केरल सरकार का आरआरटीएस ‘मूर्खतापूर्ण उपक्रम’, चुनावी हथकंडा  : ‘मेट्रोमैन’ ई. श्रीधरन
Modified Date: January 30, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: January 30, 2026 3:13 pm IST

मलप्पुरम (केरल), 30 जनवरी (भाषा) ‘मेट्रोमैन’ के नाम से मशहूर ई. श्रीधरन ने शुक्रवार को कहा कि केरल सरकार का तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक प्रस्तावित आरआरटीएस ‘‘व्यवहार्य नहीं’’ है। उन्होंने इसे ‘‘मूर्खतापूर्ण उपक्रम’’ और ‘‘चुनावी हथकंडा’’ करार दिया।

श्रीधरन की टिप्पणी मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक के दो दिन बाद आई, जिसमें ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (आरआरटीएस) को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।

श्रीधरन ने यहां पत्रकारों से कहा कि हाई-स्पीड रेल गलियारे का विकल्प आरआरटीएस नहीं हो सकता है और यह केवल कोल्लम से तिरुवनंतपुरम जैसी 60-70 किलोमीटर की छोटी दूरी के लिए ही कारगर होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इसका (आरआरटीएस) मकसद 60-70 किलोमीटर की दूरी पर उपनगरीय सेवा प्रदान करने का है। जो लोग इन मामलों के बारे में जानते हैं वे इसे एक मूर्खतापूर्ण उपक्रम कहेंगे। यह केवल एक हथकंडा है, एक चुनावी हथकंडा है।’’

उन्होंने कहा कि आरआरटीएस की स्पीड धीमी होगी क्योंकि हर 2-3 किलोमीटर पर स्टेशन होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह कारगर नहीं है।’’

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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