सर्जरी में चूक को लेकर केरल में सियासी विवाद, स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा

सर्जरी में चूक को लेकर केरल में सियासी विवाद, स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा

सर्जरी में चूक को लेकर केरल में सियासी विवाद, स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा
Modified Date: February 21, 2026 / 05:05 pm IST
Published Date: February 21, 2026 5:05 pm IST

पत्तनमतिट्ठा, 21 फरवरी (भाषा) केरल के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में कुछ साल पहले एक मरीज की सर्जरी में हुई चूक को लेकर राज्य में शनिवार को सियासी विवाद छिड़ गया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के ṇसरकारी आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।

वहीं, जॉर्ज ने घटना की निंदा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सोची-समझी रणनीति के तहत विरोध-प्रदर्शन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने प्रदर्शनकारियों को हिंसक आंदोलन करने का निर्देश दिया है।

हालांकि, सतीशन ने सर्जरी में चूक की घटना को लेकर जॉर्ज के आधिकारिक आ‍वास के बाहर “पुष्पचक्र रखकर विरोध-प्रदर्शन” करने का निर्देश देने के आरोपों का पुरजोर खंडन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की हरकतें नहीं करती है।

पत्तनमतिट्ठा में संवाददाताओं से मुखातिब जॉर्ज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों को “घृणित” तरीकों से जीतने की कोशिश कर रही है और तिरुवनंतपुरम में उनके आधिकारिक आवास पर हुआ “हमला” इसका उदाहरण है।

जॉर्ज के आधिकारिक आवास पर विरोध-प्रदर्शन की यह घटना मई 2021 में अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में सर्जरी कराने वाली एक महिला के पेट में ऑपरेशन में प्रयुक्त कैंची मिलने के सिलसिले में सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. ललितांबिका के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के एक दिन बाद हुई।

पुन्नाप्रा निवासी उषा जोसेफ (51) ने बच्चेदानी की गांठ हटवाने के लिए मई 2021 में सर्जरी कराई थी, उस समय डॉ. ललितांबिका अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज के स्त्रीरोग विभाग की प्रमुख थीं।

डॉ. ललितांबिका के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद घटना को लेकर पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जॉर्ज के आधिकारिक आ‍वास के बाहर पुष्पचक्र रखकर विरोध-प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य मंत्री पद से उनके इस्तीफे की मांग की।

विरोध-प्रदर्शन के दौरान जॉर्ज पत्तनमतिट्ठा में थीं, जहां उन्हें विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि सर्जरी में हुई चूक की घटना के सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास किया।

जॉर्ज ने कहा कि सरकार ने घटना के सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर सरकार ने उचित कार्रवाई की और पारदर्शी जांच के लिए कदम उठाए।

उन्होंने कहा, “न तो स्वास्थ्य मंत्री ने सर्जरी की थी और न ही उन्होंने सर्जिकल प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया था।”

जॉर्ज ने कहा कि सर्जरी में चूक की यह घटना कुछ साल पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि चिकित्सक इस बात को लेकर अब भी स्पष्ट नहीं हैं कि सर्जरी वास्तव में पिछली यूडीएफ सरकार के दौरान हुई थी या मौजूदा एलडीएफ सरकार के दौरान।

जॉर्ज ने आरोप लगाया, “केरल को इस पर ध्यान देना चाहिए। मेरे आवास पर हमला विपक्ष के नेता वीडी सतीशान के निर्देश पर किया गया।”

मंत्री ने मीडिया के एक वर्ग पर इस घटना को लेकर जानबूझकर लोगों के बीच गलतफहमी पैदा करने और सरकार के खिलाफ झूठा अभियान चलाने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जॉर्ज ने कहा, “कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में हार के डर से जानबूझकर हिंसा भड़का रही है। उन्हें (कांग्रेस नेताओं को) जानकारी मिली है कि राज्य में सत्ता-विरोधी लहर नहीं है।”

उन्होंने विपक्ष पर राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वाली निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी सुविधाओं एवं स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को जानबूझकर बदनाम करने का भी आरोप लगाया।

हालांकि, सतीशन ने जॉर्ज के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंत्रियों के आवास के बाहर पुष्पचक्र चढ़ाने का निर्देश देकर विरोध जताना उनका तरीका नहीं है।

उन्होंने कहा, “यह विरोध-प्रदर्शन का हमारा तरीका नहीं है। और मेरा काम किसी को मंत्रियों के आवास के बाहर पुष्पचक्र चढ़ाने का निर्देश देना नहीं है।”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्टि पार्टी (माकपा) की युवा शाखा ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने पहले उनके आधिकारिक आवास, कैंटोनमेंट हाउस और परवूर स्थित उनके निजी आवास में तोड़फोड़ की थी।

सतीशन ने वाम दलों के कार्यकर्ताओं पर अपने आधिकारिक आवास के बाहर लगाए गए गमलों को नष्ट करने और अपने निजी आ‍वास पर आने वाले आगंतुकों पर हमला करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये हमले मंत्रियों के निर्देश पर किए गए थे।

तिरुवनंतपुरम में जॉर्ज के आधिकारिक आ‍वास पर विरोध-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्तनमतिट्ठा स्थित टाउन हॉल में आयोजित उस कार्यक्रम में मंत्री के खिलाफ नारे लगाए, जहां वह शामिल होने पहुंची थीं।

सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के कार्यकर्ताओं के जॉर्ज के समर्थन में सड़कों पर उतरने के बाद क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब प्रदर्शनकारी सुबह मंत्री के आधिकारिक आवास पर पहुंचे तो वहां केवल तीन पुलिस गार्ड मौजूद थे, इसलिए वे उन्हें रोकने में असफल रहे।

अधिकारियों के अनुसार, बाद में प्रदर्शनकारियों ने जॉर्ज के आवास के सामने धरना दिया, काले झंडे लहराए और नारे लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

इस बीच, सत्तारूढ़ माकपा ने जॉर्ज के आधिकारिक आ‍वास के बाहर पुष्पचक्र रखकर विरोध-प्रदर्शन किए जाने की घटना की कड़ी निंदा की। पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन की भी सीमाएं होती हैं।

माकपा की वरिष्ठ नेता पीके श्रीमती ने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस स्वास्थ्य मंत्री का अंत देखना चाहती है और इसीलिए उसके कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के बाहर पुष्पचक्र अर्पित किया। उन्होंने युवा कांग्रेस के नेतृत्व से जॉर्ज के आधिकारिक आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन की घटना को लेकर माफी मांगने की मांग की।

भाषा पारुल माधव

माधव


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