केरल : मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को भेजे गए संदेशों के खिलाफ दायर याचिका खारिज

केरल : मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को भेजे गए संदेशों के खिलाफ दायर याचिका खारिज

केरल : मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को भेजे गए संदेशों के खिलाफ दायर याचिका खारिज
Modified Date: March 10, 2026 / 05:39 pm IST
Published Date: March 10, 2026 5:39 pm IST

कोच्चि, 10 मार्च (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा अधिकारियों को भेजे जा रहे कथित ई-मेल और संदेशों पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन ई-मेल और संदेशों में राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रमुखता से उल्लेख किया जा रहा है और इन्हें रोकने की मांग की गई थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस संबंध में दायर याचिका को खारिज कर दिया।

न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने मलाप्पुरम के एक कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रशीद अहमद और तिरुवनंतपुरम के सचिवालय में लिपिक सहायक अनिल कुमार के.एम की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इस तरह के संदेश भेजना एक चुनावी अभियान के समान है। अदालत के विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि मासिक वेतन और लाभों के क्रेडिट की सूचना देने के लिए केरल के सेवा एवं वेतन प्रशासनिक भंडार (एसपीएआरके) पर उपलब्ध निजी डेटा तक पहुंच बनाकर यह संदेश भेजे गए थे।

उन्होंने यह भी दावा किया था कि संदेश भेजने के लिए केएसएमएआरटी (केरल सॉल्यूशंस फॉर मैनेजिंग एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्मेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन) सिस्टम से भी डेटा लिया गया था। सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया था।

एसपीएआरके केरल के वित्त विभाग के अंतर्गत एक ई-गवर्नेंस पहल है, जो 2007 से कार्यरत है और इसका उद्देश्य मानव संसाधन संबंधी सेवाओं और सरकारी कर्मचारियों के वेतन डेटा का डिजिटलीकरण करना है।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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