केरल चुनाव: पिनराई विजयन ने सतीशन के आरएसएस समर्थन वाले दावे को खारिज किया

केरल चुनाव: पिनराई विजयन ने सतीशन के आरएसएस समर्थन वाले दावे को खारिज किया

केरल चुनाव: पिनराई विजयन ने सतीशन के आरएसएस समर्थन वाले दावे को खारिज किया
Modified Date: March 27, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: March 27, 2026 5:53 pm IST

(फाइल फोटो के साथ(

त्रिशूर (केरल), 27 मार्च (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन के इस दावे को खारिज कर दिया कि उन्होंने 1977 के चुनाव में आरएसएस के समर्थन से जीत हासिल की थी। उन्होंने उनपर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने विधानसभा चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच साठगांठ होने का आरोप लगाया है।

हालांकि वामपंथी नेताओं ने दावा किया है कि केरल में कांग्रेस ही वह पार्टी है जिसने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ संबंध बनाए रखे हैं।

विजयन ने यहां प्रेसवार्ता में कहा,‘‘आप देखिए कि 1977 में आरएसएस का मुख्य विरोधी कौन था।’’

उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता के. सुधाकरण ने पहले यह स्वीकार किया था कि उन्होंने मार्क्सवादी लोगों से आरएसएस शाखाओं की सुरक्षा प्रदान की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब मैंने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया, तो वहां के लोग जानते थे कि आरएसएस मुझे किस नजरिए से देखता है। हमें आरएसएस के हमलों की आशंका थी और मैं उनके निशाने पर था।’’

उन्होंने ने कहा कि पट्टांबी में कम्युनिस्ट नेता ई.एम. एस. नम्बूदिरिपाद को हराने के लिए कांग्रेस ने जन संघ के साथ मिलकर काम किया था।

विजयन ने आरोप लगाया कि जब कम्युनिस्ट नेता एके गोपालन पलक्कड़ से चुनाव में खड़े हुए, तब कांग्रेस और आरएसएस ने उन्हें हराने के लिए एक साझा उम्मीदवार उतारा।

उन्होंने कहा , ‘‘उम्मीदवार आरएसएस का जिला नेता था। इन सभी बेशर्म हरकतों के बाद अब वे (कांग्रेस के नेता) झूठे दावे कर रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि माकपा और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने हमेशा साम्प्रदायिकता के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया है।

विजयन ने कहा, ‘हम कुछ वोट और सीटों के लिए राजनीतिक विश्वासघात में शामिल नहीं होते।’’

भाजपा नेता बी गोपालकृष्णन के इस बयान पर कि गुरुवायूर निर्वाचन क्षेत्र में कोई हिंदू उम्मीदवार नहीं है, विजयन ने कहा कि यह सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने के प्रयासों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि केरल एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है और सभी समुदायों के लोग शांतिपूर्वक रहते हैं।

भाषा

प्रचेता राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में