केरल चुनाव: मंगलवार को थमेगा सार्वजनिक प्रचार, त्रिकोणीय मुकाबला तेज

केरल चुनाव: मंगलवार को थमेगा सार्वजनिक प्रचार, त्रिकोणीय मुकाबला तेज

केरल चुनाव: मंगलवार को थमेगा सार्वजनिक प्रचार, त्रिकोणीय मुकाबला तेज
Modified Date: April 6, 2026 / 09:36 pm IST
Published Date: April 6, 2026 9:36 pm IST

(तस्वीरों के साथ जारी)

तिरुवनंतपुरम, छह अप्रैल (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार को समाप्त होने के बीच कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने सोमवार को एक-दूसरे पर तेज हमले किए।

एलडीएफ ने एक प्रगति रिपोर्ट जारी कर दावा किया है कि उसने 2021 के अपने 97 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं।

निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 1.32 करोड़ पुरुषों, 1.39 करोड़ महिलाओं और 273 तृतीय लिंग सहित कुल 2.71 करोड़ मतदाता तथा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।

यह चुनाव 140 सीट के लिए मैदान में उतरे 890 उम्मीदवार के भाग्य का फैसला करेगा। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा के बीच ‘‘समझौते’’ का आरोप लगाया। उसने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों के आवास के लिए कांग्रेस द्वारा जुटाई गई राशि के कुप्रबंधन का आरोप लगाया। इन मुद्दों को लेकर दलों के बीच तीखी बयानबाजी हुई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों के समर्थन में कई रैलियां और रोड शो किए। राज्य की राजनीति पर लंबे समय से कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) और माकपा नीत एलडीएफ का दबदबा रहा है।

इस महत्वपूर्ण चुनाव के लिए उलटी गिनती शुरू होने के बीच गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के शीर्ष राष्ट्रीय नेताओं और कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को राज्य में प्रचार किया।

सत्तारूढ़ एलडीएफ के प्रचार अभियान का नेतृत्व माकपा के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने किया।

शाह ने केरल के तटीय जिले अलाप्पुझा के हरिपद में राजग उम्मीदवार संदीप वाचस्पति के समर्थन में एक विशाल रोडशो किया।

राहुल और प्रियंका ने त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम और कन्नूर जिलों में कांग्रेस नीत गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में अलग-अलग चुनावी सभाओं को संबोधित किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत यूडीएफ को हराने के लिए भाजपा एवं माकपा के बीच ‘‘समझौता’’ हुआ है।

इस बीच, माकपा नीत एलडीएफ ने कन्नूर में अपनी प्रगति रिपोर्ट जारी की, जिसमें विजयन ने दावा किया कि 2021 में किए गए लगभग 97 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए गए हैं।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन


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