केरलम: स्थानीय निकाय उपचुनावों में सत्ताधारी यूडीएफ ने अपनी मौजूदा सीटें गंवाई

केरलम: स्थानीय निकाय उपचुनावों में सत्ताधारी यूडीएफ ने अपनी मौजूदा सीटें गंवाई

केरलम: स्थानीय निकाय उपचुनावों में सत्ताधारी यूडीएफ ने अपनी मौजूदा सीटें गंवाई
Modified Date: September 29, 2026 / 04:16 pm IST
Published Date: September 29, 2026 4:16 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 29 सितंबर (भाषा) केरलम में सत्ताधारी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को सोमवार को हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों में झटका लगा क्योंकि उसे अपनी कुछ मौजूदा सीटें गंवानी पड़ीं।

यूडीएफ ने 38 वार्डों में हुए उपचुनाव में से 18 पर जीत हासिल की।

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के आंकड़ों के अनुसार, यूडीएफ ने 18 सीटें जीतीं, माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ को 16 सीटें मिलीं, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने एक सीट जीती और तीन वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए।

रिपोर्ट के अनुसार यूडीएफ ने चिरयिनकीझु विधानसभा क्षेत्र की दो सीट समेत करीब चार मौजूदा सीटें गंवाई हैं, जहां से कांग्रेस विधायक रम्या हरिदास ने विधानसभा चुनाव जीता था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चिरयिनकीझु में हरिदास और कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं के बीच हाल में हुई हाथापाई तथा इसके बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का कांग्रेस की संभावनाओं पर असर पड़ा सकता है।

पत्तनमथिट्टा जिले में उपचुनाव वाली सभी सीटें यूडीएफ ने जीतीं, जबकि कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले एर्नाकुलम जिले में चार में से केवल दो सीटें उसके खाते में आईं।

कोट्टायम जिले में उपचुनाव वाली तीन में से दो सीटें एलडीएफ ने जीतीं। वहीं पलक्कड़ जिले में उपचुनाव वाली सात सीटों में से चार पर वाम मोर्चे ने जीत दर्ज की।

यूडीएफ ने वायनाड जिले की मनंतवाडी की पल्लीक्कल डिवीजन और कोझिकोड जिले की कुट्टिचिरा वार्ड सीट जीती। हालांकि इस बार इन सीटों पर उसकी जीत का अंतर केवल कुछ सौ वोट रहा, जबकि पिछली बार इन सीटों पर हुए चुनाव में जीत का अंतर एक हजार से अधिक था।

रिपोर्ट के अनुसार इन परिणामों में बिजली कटौती, मंत्रियों की विदेश यात्राओं और बाढ़ राहत सहायता में देरी जैसे मुद्दों पर एलडीएफ की ओर से वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार की आलोचना का असर दिखाई दे सकता है।

सत्ता में आने के बाद चार महीने के अपने कार्यकाल के दौरान यूडीएफ को इन मुद्दों के अलावा सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी सहित कई अन्य मामलों पर एलडीएफ के हमलों का लगातार जवाब देना पड़ा है। इन मुद्दों को लेकर वाम मोर्चा खासतौर पर मुख्यमंत्री सतीशन को निशाना बनाता रहा है।

उपचुनाव में कुल 58.81 प्रतिशत मतदान हुआ। कन्नूर में सबसे अधिक 84.55 प्रतिशत और कोट्टायम में सबसे कम 54.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

उपचुनाव में कुल 1,82,160 लोगों ने मतदान किया, जिनमें 84,070 पुरुष और 98,090 महिलाएं शामिल थीं।

भाषा

राखी नरेश

नरेश


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